Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

आयुष्मान कार्ड के नाम पर जारी वसूली,केवल फीनिक्स ही नहीं अन्य अस्पतालों में भी जारी गरीबों के नाम पर कमाई,स्वास्थ्य विभाग की भी तगड़ी सेटिंग।

0 396

उपचार के नाम पर लूट जारी पार्ट one

आयुष्मान कार्ड के नाम पर लूट है जारी,सिर्फ फीनिक्स ही नहीं इस खेल में चलता बड़ा रैकेट,स्वास्थ्य विभाग,अस्पताल की गहरी गठजोड़।

✍️प्रियंका शर्मा इंदौर

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा गरीब वर्ग के लिए निशुल्क पांच लाख तक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए आयुष्मान कार्ड योजना लागू की हैं। लेकिन सरकार की ऐसी योजनाएं भी हॉस्पिटल माफियाओं की कमाई का जरिया साबित हो रहा हैं। मुख्य रूप से अरविंदो हॉस्पिटल,index हॉस्पिटल, जैसे शहर के कई ऐसे छोटे और बड़े हॉस्पिटल हैं। जो आयुष्मान कार्ड योजना में जमकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। लेकिन इन्हें रोकने वाला स्वास्थ्य विभागीय अमला खुद इन लोगों से मिलीभगत करते हुए सरकार को चपत लगा रहा हैं।

अगर हुआ आयुष्मान,तो जल्दी छुट्टी की छोड़ दो आस।

छोटी से छोटी बीमारियों में भी आयुष्मान कार्ड धारक को इन ऐसे अस्पतालों में लंबा समय गुजरना पड़ता हैं। ताकि बिल का मीटर चालू रहे हैं। यह सीधी सी बात है कि गंभीर बीमारी मरीजों तो ठीक छोटी छोटी बीमारी वाले मरीजों को अस्पताल भारी भरकम बिल हड़पने के लिए काफी दिनों तक अस्पताल में टांगे रखते हैं। ताकि बिलों का मीटर उनके मुताबिक हो सके।

ऑडिट सिर्फ खानापूर्ति

स्वास्थ्य विभागीय अमला आयुष्मान कार्ड धारक मरीज के अस्पताल द्वारा लगाए गए बिलों का ऑडिट करता हैं। लेकिन पूरे कुएं में ही भांग घुली हुई हैं। क्योंकि यह ऑडिट विभागीय अमला ऑडिट तो करता है लेकिन अस्पताल प्रबंधनों के मुताबिक। हालांकि इस बात से मरीज को कोई लेना देना नहीं होता हैं। लेकिन ऐसे अस्पताल संचालक सीधे रूप से स्वास्थ्य विभागीय अमले से मिलते हुए सरकारों को करोड़ों की चपत लगा रहे हैं।

छोटी बीमारी केस उपचार तो ठीक मगर आयुष्मान है सजा।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब वर्ग को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान कार्ड योजना की शुरुआत की थी। लेकिन यही गरीबी के लिए हितग्राही योजना अस्पताल संचालको की अंधी कमाई का जरिया साबित हो रही हैं। क्योंकि गरीब तो जैसे तैसे उपचार करवाकर निकल जाता हैं। लेकिन अस्पताल संचालक ऐसे गरीबों के नाम पर छोटी से छोटी बीमारी के एवज में स्वास्थ्य विभागीय अमले की सांठगांठ से भारी भरकम बिल की राशि सरकार से वसूलते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!