INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक्त ने ली सुध,किया निरीक्षण,लेकिन कब लगेंगे पौधे ये अभी भी नहीं तय।
हवा में उड़ा ऑक्सीजन पार्क,,, अब एक पेड़ मां के नाम,,,प्रास्ताविक गुलमर्ग परिसर,और दातूनी पहाड़ी की जमीनों पर पौधारोपण,,,लागू है नगर निगम की बजट खुंटाओ,फिर नया लाओ योजना,लेकिन निगमायुक्त ने ली सुध, किया निरीक्षण।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
सरकारी खजाने की कमाई को खपाने में, बार बार बजट खुटाओ, और नया लाओ योजना के तहत एक बार फिर इसी योजना को आजमाया जा रहा हैं। दरअसल इंदौर नगर निगम की इसी कड़ी का साक्षात् उदाहरण इंदौर की गुलमर्ग परिसर के पीछे वाली 18 एकड़ जमीन है। जहां पहले ऑक्सीजन पार्क बनाए जाने की सभी कवायदे हुई। गड्ढे खोदे गये,फिर पौधे भी लिए गए,इसके बाद उक्त ऑक्सीजन पार्क के शुभारंभ के लिए बकायदा विशालकाय टेंट तंबू तक तान दिए गए। लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर दौरा निरस्त हो जाने वजह से यह ऑक्सीजन पार्क और कार्यक्रम की, सभी तैयारियां,धरी की धरी रह गई। लिहाजा भले कार्यक्रम नहीं हुआ था। लेकिन उक्त कार्यक्रम को लेकर टेंट तंबू,गड्ढे,पौधे भी खप गए। जिनका खर्चा भी हुआ। लेकिन जिम्मेदारों को कहा इससे कोई फर्क पड़ता हैं। लाखों रुपए बर्बाद होने के बाद एक बार फिर इसी स्थान पर अब ऑक्सीजन पार्क की बजाय अब “एक पेड़ मां के नाम” के तहत 18 एकड़ जमीन पर पौधारोपण किए जाने की तैयारियों का श्रीगणेश हो गया है। लिहाजा शनिवार को उक्त कार्यक्रम के श्रीगणेश अवसर पर खुद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ,निगम अधिकारियों जिनमें कार्यपालन यंत्री और उद्यान विभाग प्रभारी शांतिलाल यादव,सहित अन्य ने दौरा किया। हालांकि इस अवसर पर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने पौधारोपण और रोपे गए पौधों की सुरक्षा,देखरेख, पर नजर रखने के अधिकारियों को निर्देश दिए। लेकिन ये कार्यक्रम भी होगा कब ये किसी को पता नहीं हैं।

पिछले साल 2025 में भी उड़े लाखों रुपए!

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने गुलमर्ग परिसर के पीछे स्थित 18 एकड़ पर होने वाले पौधारोपण स्थल का दौरा किया। उक्त जमीन पूरे तरह से तैयार तो है लेकिन पुरानी तैयारियां धरी की धरी रह गई। क्योंकि पूर्व में खोदे गये गड्ढे पूरी तरह भर चुके हैं। लिहाजा अब एक बार फिर इसी स्थान पर गड्ढे खोदे जाने हैं। लेकिन इन ऐसे ही खर्चो का बोझ आमजनता की गाढ़ी कमाई से जुटे करो कि राशि से ही किया जाएगा। अब इसे बार बार खुंटाओ योजना नहीं बोला जाए तो क्या बोला जाए।
पूर्व में टेंट तंबू तनकर तैयार थे लेकिन नहीं आये थे मंत्री जी।

साल 2025 में भी हरियाली अमावस्या के नजदीक ही उक्त गुलमर्ग परिसर के पीछे स्थित 18 एकड़ जमीन पर ऑक्सीजन पार्क को लेकर निगम अमले जिनमें निगम अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के मार्गदर्शन में पूरी तैयारियां हो चुकी थी। यहां टेंट तंबू, चूना लाइन,साउंड,सबकुछ रेडी था। लेकिन उक्त आयोजन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अचानक नहीं आने की सूचना ने खलल डाल दिया था और यह तैयारियां यूं ही बर्बाद हो गई।

अब एक पेड़ मां के नाम
गुलमर्ग परिसर के पीछे की उक्त 18 एकड़ जमीन पर ऑक्सीजन पार्क के हवा में उड़ जाने के बाद, यहां इसी जमीन पर पौधारोपण तो होगा। लेकिन उक्त जमीन पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें अभी शामिल होने वाले मुख्य अतिथि के समय अनुसार दिनांक, समय तय किया जाना बाकी हैं।

5 जून 2026 को भी उठाया था मुद्दा।
गुलमर्ग परिसर पीछे स्थित 18 एकड़ जमीन पर ऑक्सीजन पार्क, पौधारोपण सबकुछ टलता चला आ रहा हैं। उक्त सिलसिला 2025 से कायम हैं। लेकिन जिम्मेदार तो भूल जाते हैं। लेकिन न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम ने उक्त मुद्दा 5 जून 2026 को भी अपनी खबरों में उठाया था। ताकि इतनी बेशकीमती जमीन पर ऑक्सीजन पार्क बने या एक पेड़ मां के नाम लगे। लेकिन पौधे तो रोपे ही जाए। और बार बाद बजट खुटाओ योजना लागू नहीं हो। क्योंकि पैसा तो आमजनता का ही बता हैं। जिम्मेदारों का क्या जाता हैं। लिहाजा अब निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने उक्त पौधारोपण किए जाने को लेकर दौरा किया। इस दौरान उद्यान अधिकारी शांतिलाल यादव को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए है कि पौधारोपण के बाद, पौधों की सुरक्षा,रखरखाव का पूरा ध्यान रखा जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा पौधे जीवित रह सके। बाकी अब बार बार लगाओ योजना है ही सही।
गुलमर्ग के अलावा दातूनी पहाड़ी पर भी लगेगे पौधे।

गुलमर्ग परिसर के अलावा देव गुराडिया स्थित दातूनी पहाड़ी की कुल 85 हेक्टेयर जमीन पर भी एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण होना प्रस्तावित हैं। लिहाजा निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने यहां का भी दौरा किया। लेकिन उक्त पौधारोपण में सिर्फ नगर निगम ही नहीं बल्कि वन विभाग सहयोगी होगा।