INDORE, नगर निगम राजस्व मनमानियों का विभाग,मनोरंजन कर,यूनीपोल, लॉलीपॉप,राजस्व वसूली सभी में फिसड्डी,चलती सिर्फ साहब की,नियम गए तेल लेने।
इंदौर नगर निगम राजस्व विभाग,सबकुछ ऑफ रिकॉर्ड काम,मनमाना,जुर्माना,फिर आखिरी में अपने आप सुलझ जाता मामला,न रिकॉर्ड,न ही कोई जिम्मेदार करता उक्त मामले में बात।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर नगर निगम का राजस्व विभाग लगातार किसी न किसी मामले को लेकर चर्चाओं में हैं। दरअसल पिछले दिनों एक अभिभाषक द्वारा जानकारियां मांगे जाने पर निगम राजस्व विभाग के जिम्मेदार उन्हें नोटिस,सूचना पत्र या किसी की भी ऑन रिकॉर्ड कार्यवाही की जानकारी नहीं दे पाए। बल्कि निगम की और से उन्हें जवाब दिया गया कि ऐसा कोई नोटिस,सूचना पत्र या रिकॉर्ड निगम में उपलब्ध नहीं हैं। जबकि इसी राजस्व विभाग के कारनामों की लंबी फेहरिस्त है। जिसे देखकर अंदाजा लगाया न सकता है कि किस तरह से इंदौर नगर निगम के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार हावी हैं।दरअसल ऐसे ही कुछ मामले जिन्हें अब आमजनता के सामने रखा जा रहा है जिसे पढ़ सुनकर और समझकर आप भी यह बात तो जान जायेंगे कि निगम राजस्व विभाग में पैसे के दम पर सबकुछ हो सकता हैं।

C 21 मॉल मामला।

इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग जो कि राजस्व विभाग का ही एक अंग हैं उसके जिम्मेदारों ने AB रोड स्थित C 21 मॉल संचालक द्वारा खुद के विज्ञापन अनुमति के नाम पर लोगो से डिजिटल स्क्रीन पर विज्ञापन करने के लिए लाखों रुपए वसूले गए। लिहाजा निगम राजस्व विभाग अमले ने C 21 मॉल संचालक को 1 करोड़ 40 लाख रूपये जुर्माने का नोटिस थमाया था। लेकिन रातोंरात निगम अधिकारियों की मिलीभगत कहे या फिर उनकी दरियादिली। क्योंकि इसी दरियादिली के चलते C 21 मॉल संचालक से निगम अधिकारियों ने मात्र 60 लाख रुपए ही पेनल्टी के वसूले। वह भी किश्तो में। जिसे लेकर अब आप ही सोचिए कि किस कदर निगम राजस्व विभाग में अराजकता का माहौल है।

मनोरजन कर वसूली में फिसड्डी।

शहर में दिलजीत दोसांझ,सुनिधि चौहान,हनी सिंह,मनोज मुंतशिर सहित अन्य कई हस्तियों के शो आयोजित किए गए। लेकिन इन शो आयोजको द्वारा करोड़ो रुपए टिकट के नाम पर वसूले जाने के बावजूद भी इंदौर नगर निगम इनसे मनोरजन कर वसूल नहीं पाया। या इसी मामले में भी इन्हीं राजस्व विभाग के अड़ियल जिम्मेदारों ने इन्हें मनमानी छूट दे दी। और निगम खजाने को चूना लगवा दिया।

यूनीपोल, लॉलीपॉप,होर्डिंग।
निगम राजस्व विभाग के मार्केट विभाग का एक अदना कर्मचारी राकेश चौहान इस समय बहुत चर्चाओं में हैं। क्योंकि उसके द्वारा यूनीपोल, लॉलीपॉप और अन्य होर्डिंग को लेकर जिस तरह से PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी कर्ताधर्ताओं को छूट दी। शहर में कहीं भी जगह दी। उसके एवज़ में अब इसी अदने कर्मचारी राकेश चौहान का तीन करोड़ का आलीशान मकान।निगम जिम्मेदारों को मुंह बना रहा हैं। क्योंकि इतने छोटे निगम कर्मचारी द्वारा करोड़ो के मकान खरीदना। अब अन्य जिम्मेदारों को ये सता रहा हैं।

BRTS, गेट्री गेटो के टेंडर।


नामांतरण घोटाला

इसके अलावा इंदौर नगर निगम का नामांतरण घोटाला भी फिलहाल चर्चाओं में हैं। जिसे लेकर निगम के यही जिम्मेदार मुंह छुपाते फिर रहे हैं। उनके पास इसे लेकर कोई जवाब नहीं है सिर्फ छोटी मछलियों पर कार्यवाही करते हुए इन जिम्मेदारों ने मामले से इतिश्री करने की योजना बना रखी हैं।

