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इंदौर नगर निगम को कर दिया खाली,अब डी आर लोधी वापसी की तैयारी,लेकिन खुद मेयर सहित MIC सदस्यों ने किया साफ ना,बहुत हुआ पेवर निकालने लगाने का कार्य,अवैध टॉवर की अनुमति भी बनी किरकिरी की वजह।

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लोधी की निगम में वापसी पर भाजपा पार्षदों की साफ ना, निगम को कर दिया खाली। 

इंदौर। नगर निगम में वर्षो से काबिज और हाल फिलहाल  जनकार्य विभाग में जमे हुए अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी सितम्बर में रिटायर होने वाले हैं। लेकिन अब लोधी के पुराने कारनामे दोबारा नगर निगम में लोधी की वापसी में राह के रोड़े साबित हो रहे हैं। दरअसल जिस तरह से डी आर लोधी चर्चित रहे हैं। उस कार्यशैली को देखते हुए खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव,सहित अन्य महापौर परिषद सदस्य भी लोधी को लेकर वापसी करवाने के बिल्कुल भी मूड में नहीं हैं। इधर बताया जा रहा है कि खुद नगर निगम जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ भी लोधी को संविदा नियुक्ति देने के खिलाफ अड़े हुए हैं ताकि किसी भी स्थिति में लोधी नगर निगम में दोबारा पैर पसार नहीं सके। 

निगम को किया खाली। 

नगर निगम इंदौर में जितने भी पूर्व में अधीक्षण यंत्री रहे हैं। कहीं न कहीं उन्होंने नगर निगम को खाली फटेहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। जिसमें सबसे अहम रोल रहा है जनकार्य विभाग का। एक ही कार्य की कई निविदाएं निकाली जाना, से लेकर एक ही कार्य बार बार करना प्रमुख हैं। शहर के कई प्रमुख चौराहों हो या गार्डन,या रहवासी इलाका बार बार पेवर ब्लॉक्स निकालना लगाने का खेल वर्षों से जारी है। जो कि नगर निगम के जनकार्य विभाग के अंतर्गत ही आता हैं। 

अवैध टॉवर की अनुमति 

नगर निगम के जनकार्य विभाग द्वारा अधिकांश क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने से लेकर निजी मोबाइल कंपनियों को टॉवर लगाने की अनुमति देने का खेल भी आज तक जारी हैं। हद तो इस बात की है कि निजी टेलीकॉम कंपनी को जनकार्य विभाग ने सरकारी जमीनों और ग्रीन बेल्ट की जमीनों में टॉवर लगाने की अनुमति दे डाली। लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं हैं। 

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