Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE माननीय न्यायालय के आदेशों के बावजूद,औपचारिकताएं कर रहा नगर निगम,PRJ OOH और सुपीरियर सर्विसेज ... INDORE कांड हो जाते हैं,जिम्मेदार समिति प्रभारियों को मिलती है छूट,कार्यवाही की बजाय महंगी गाड़ियां ... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की उदासीनता,खतरे में आमजनता की जान,मेयर का कहना PRJ OOH हो या सुपीरियर... INDORE नशे के खिलाफ एकजुट पूरा शहर,इंदौरी,क्रिकेटर,पूरे पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ लगाई दौड़। INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक... INDORE न्यूज़ WITH तड़का डॉट कॉम की ख़बर का असर,टूटेगा दौलतगंज का अवैध निर्माण! महापौर सख़्त, किसी भी... INDORE कनाडिया पुलिस के हाथों लगा, अवैध शराब तस्कर गिरोह,पूछताछ में इंदौरी शराब ठेकेदार की खुल सकती ... INDORE 23 सालों का इंतजार हुआ ख़त्म,निगम अधिकारियों को महापौर ने दी सौगात,अधिकारियों ने कहा उन्हें उ... INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह...

ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट,सब गड़बड़झाला,1.40करोड़ के काम टेंडर 3.65 करोड़ में,जिम्मेदारों का हास्यास्पद जवाब।

0 198

ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट, निविदाएं में भ्रष्टाचार, 1.40 करोड़ का ठेका दिया 3.65 करोड़ में,न ही अरेस्ट मनी न ही कोई तय निविदा दर,बल्कि फॉर्म कीमत भी नहीं ।
इधर जिम्मेदारों का हास्यास्पद जवाब,

ओंकारेश्वर।
✍🏻 प्रदीप ठाकुर

धर्मनगरी ओंकारेश्वर और मंदिर ट्रस्ट इस वक्त निविदाओं को लेकर चर्चाओं में तो हैं ही सही। साथ ही जिस तरह से अंधेरगर्दी यहां मची हुई हैं। क्योंकि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट निविदाएं प्रक्रिया पूरी तरह से मजाक,खिलवाड़,सिर्फ रस्म निभाई, बन गई हैं। दरअसल वह इसलिए कि उक्त टेंडर प्रक्रिया में न ही फॉर्म की कीमत,न ही निविदा राशि तय,और न ही कोई अर्नेस्ट मनी तय की गई हैं। उसे देखते हुए अब जल्द ही कई के नपने की भी संभावनाएं हैं। क्योंकि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा निकाली गई निविदाएं जिनमें जूता स्टेंड,सफाई कमर्चारियों की नियुक्तियां,और इनमें सबसे ज्यादा चर्चित जूना महल के समतलीकरण का कार्य। क्योंकि 11000 वर्गफीट के उक्त कार्य का ठेका न्यूनतम दर की बजाय उच्चतम निविदा दर 3.65 करोड़ में देना कई सवालातो को जन्म दे रहे हैं या फिर सीधे कहे कि उक्त निविदा प्रक्रिया में बंदरबांट की बू आ रही नहीं बल्कि बंदरबांट ही हो रहा हैं ? जबकि इसे लेकर जिम्मेदार मंदिर ट्रस्ट के कार्यपालिक अधिकारी और एसडीएम शिवम प्रजापति का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार द्वारा कार्ययोजना नहीं दी इसीलिए उच्चतम निविदा दर पर उक्त निविदा दी गई हैं।

एक ठेकेदार आया सामने,की खुली शिकायत।
उधर उक्त प्रक्रिया को लेकर अब एक ठेकेदार सामने आया हैं। जिसने एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट के कार्यपालिक अधिकारी शिवम प्रजापति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अब जिला कलेक्टर,न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाने की बात कहीं हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!