Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

Trump Warns Iran: ‘होर्मुज में जहाज आए तो उड़ा देंगे’, ट्रंप की ईरान को दो टूक- अब होगी तेज और बेरहम कार्रवाई

47

अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ आने-जान वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ईरान को धमकी दी. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की तलहटी में पड़ी है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. हमने उनके एक या दो नहीं, 158 जहाजों को निशाना बनाया. हमने अभी तक उनके ‘फास्ट अटैक शिप्स’ को निशाना नहीं बनाया है. अगर इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत तबाह कर दिया जाएगा. यह कार्रवाई तेज और बेरहम होगी

इधर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. तेहरान का कहना है कि अगर उसके जहाज रोके गए तो वह खाड़ी में पड़ोसी देशों के बंदरगाहों को निशाना बनाएगा. ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी की वजह ईरान की तेल ब्रिकी को रोकना है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस दौरान ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में दाखिल होने वाले सभी देशों के जहाजों को रोका जाएगा. हालांकि CENTCOM ने साफ किया कि अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही नहीं रोकी जाएगी.

ईरान के छोटे जहाज खतरा क्यों?

अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान की नौसेना को काफी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पास छोटे और तेज हमलावर जहाजों का एक अलग बेड़ा मौजूद है. ये जहाज खास तौर पर खाड़ी और होर्मुज जैसे संकरे इलाकों में लड़ाई के लिए बनाए गए हैं.

ये छोटे जहाज तेजी से हमला करने, मिसाइल दागने, समुद्र में माइंस बिछाने और व्यापारिक जहाजों को परेशान करने में सक्षम हैं. होर्मुज स्ट्रेट की चौड़ाई सबसे संकरे हिस्से में करीब 20 मील है, जिससे इन छोटे जहाजों को रणनीतिक बढ़त मिलती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये जहाज आसानी से छिप सकते हैं और इन्हें खत्म करना आसान नहीं है.

दरअसल, ईरान ने यह रणनीति 1988 के टैंकर वॉर के बाद अपनाई थी, जब अमेरिका ने एक दिन की लड़ाई में उसके बड़े जहाजों को नष्ट कर दिया था. इसके बाद ईरान ने छोटे और तेज जहाजों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया.

ब्रिटेन-फ्रांस नाकाबंदी में शामिल नहीं

नाटो के कई सदस्य देशों जैसे ब्रिटेन और फ्रांस ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका-ईरान टकराव में नाकाबंदी का हिस्सा नहीं बनेंगे. इन देशों ने कहा कि उनका ध्यान संघर्ष बढ़ाने के बजाय होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर है, क्योंकि दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका-ईरान जंग की वजह से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. 28 फरवरी से पहले रोज करीब 125 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या कुछ ही जहाजों तक सीमित हो गई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!