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BRTS,तीसरी बार में शहर का कलंक हटाने आई एजेंसी,निगम अफसरों की वर्क ऑर्डर निकालने में आनाकानी,जिम्मेदार ढोल रहे एकदूसरे पर काम।जबकि खुद अधिकारी उघाड़ रहे अपनी जांघ।

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BRTS तीसरी बार में तय एजेंसी,जो हटाएगी शहर का कलंक, निगम अफसरों की उदासीनता के चलते सिर्फ दौड़ रहे कागजी घोड़े।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

राजीव गांधी चौराहा से लेकर निरंजनपुर चौराहा तक बनाए गए बस ट्रांजिट सिस्टम को हटाने के लिए इंदौर नगर निगम को खासी मशक्कतो का सामना करना पड़ा। क्योंकि नगर निगम की शर्तों के अनुरूप कोई भी एजेंसी BRTS को हटाने का टेंडर लेने को तैयार नहीं थी। फरवरी 2025 से शुरू हुई मुहिम के दौरान तीन बार नगर निगम जनकार्य विभाग ने तीन बार निविदा प्रक्रिया की। लेकिन तीसरी बार में जैसे तैसे कुछ शर्ते नगर निगम की और कुछ शर्त एजेंसी की माने पर उक्त कार्य को लेकर निविदा निकली और उक्त एजेंसी ने यह ठेका तो ले लिया। लेकिन अभी भी जनकार्य विभाग अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी और अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की उदासीनता की वजह से शहर की जनता BRTS के अत्याचार से मुक्त नहीं हो पा रही हैं। जबकि इधर जिम्मेदार महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ बार बार टेंडर प्रक्रिया होने के बाद अब इस कार्य पर जोर तो दे रहे हैं। लेकिन जनकार्य विभाग अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी और अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर उक्त कार्य को लेकर वर्क ऑर्डर निकालने में आनाकानी कर रहे हैं।

एमआईसी में पास होगा तो करेंगे।

न्यूज WITH TADKA डॉट कॉम ने जब एमआईसी की जिम्मेदारी संभाल रहे अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर से BRTS के वर्क ऑर्डर में ही रही देरी के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरा जिम्मा महापौर परिषद पर ढोलते हुए कहा कि एमआईसी में यह प्रस्ताव पास होने के बाद ही BRTS का वर्क ऑर्डर निकाला जाएगा। लिहाजा अब आप ही सोचिए किस तरह से जनता का दर्द बन चुके BRTS को लेकर इंदौर नगर निगम के अधिकारी जागरूक हैं? उन्हें शहर की जनता की परेशानियों की कितनी फिक्र हैं।

एक घंटे बाद लगावो फोन,BRTS में जलजमाव हो रहा हैं।

इधर जनकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी से जब न्यूज WITH TADKA डॉट कॉम ने चर्चा करनी चाही तो उन्होंने खुद अपनी ही जांघ उघाड़ने वाला जबाव दे डाला। दरअसल यह उसी जनकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्री का जवाब है जो BRTS को ताबड़तोड़ हटवा सकता था। लेकिन मलाई या कामकाज करने के टेंशनो के चलते डी आर लोधी ने उक्त वर्क ऑर्डर को आगे बढ़ाना भी उचित नहीं समझा हैं। इधर उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह BRTS पर पानी ही पानी हैं। लिहाजा अभी वह इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे उन्हें एक घंटे बाद फोन लगाया जाए ताकि वह कोई जवाब सोचकर बता सके।

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