INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसरी तरफ वार्ड 20 की कांग्रेसी पार्षद सहित रहवासियों ने कर दिया शुरू काम।
जल संरक्षण,मेयर सहित अन्य नेता अभी कर रहे प्लानिंग,इधर कांग्रेसी पार्षद उनके पूरे परिवार और स्थानीय रहवासियों ने ही खुद दिए वार्ड में गड्ढे, 150 से ज्यादा लोगों ने की वर्षाजल सहेजने की माकूल व्यवस्था

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर शहर में जल संकट और दूषित जल को लेकर जंग छिड़ी हुई है वहीं दुसरी तरफ अब वर्षाजल को सहेजने के लिए जहां इंदौर नगर निगम और महापौर पुष्यमित्र भार्गव आयोजन और इवेंट कर रहे है वहीं इंदौर की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के वार्ड 20 में कांग्रेसी पार्षद यशस्वी पटेल,उनके परिवारजन जिनमें उनके पति अमित पटेल, ससुर चंद्रशेखर पटेल और खुद स्थानीय रहवासियों ने वर्षाजल को सहेजने की मुहिम ही शुरू कर दी हैं। यहीं नहीं कुल दो दिनों में ही क्षेत्र में 200 से ज्यादा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए गड्ढे तक खोदे जा चुके है।
वहीं दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार फिलहाल इवेंटो में व्यस्त हैं। जबकि खुद आम जनता ने वर्षाजल को जमीन तक पहुंचाने की माकूल व्यवस्था कर दी है वह भी खुद अपने खर्च पर,फिलहाल वार्ड 20 की कांग्रेसी पार्षद यशस्वी पटेल और उनके परिवार भी स्थानीय लोगों का पूरा साथ दे रहे है खुद पूरे वार्ड में जनता के मिल रहे सहयोग को लेकर आभार तो मान ही रहे है बल्कि जनता की हरसंभव मदद भी कर रहे हैं।

10 से ज्यादा गलियों में 150 से ज्यादा वॉटर रिचार्जिंग
वार्ड 20 की फिलहाल अभी कुल गलियों में से 10 गलिया ऐसी है जहां बारिश के पानी को सीधे जमीन में भेजने हेतु 150 से ज्यादा वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम बनकर तैयार हो गए है। यहीं नहीं उक्त 5000₹ का खर्च भी खुद रहवासियों ने ही स्वेच्छा से उठाया हैं। जो तारीफे काबिल बात है क्योंकि कई वार्ड ऐसे है जहां के रहवासी इंदौर नगर निगम के भरोसे बैठे हैं।

भूजल स्तर बढ़ाना मुख्य लक्ष्य
चर्चा में वार्ड 20 की कांग्रेस पार्षद यशस्वी पटेल ने बताया कि फिलहाल जो इंदौर के हालात हो गए हैं भूजल स्तर पाताल तक चला गया हैं। इन स्थितियों में वार्ड की जनता को मात्र रस्म अदायगी करते हुए नया बोरिंग करवा देना ही पेयजल संकट का हल नहीं हैं उन्होंने बताया कि इसके लिए भूजल स्तर को बढ़ाना ही काफी ज्यादा जरूरी हैं। लिहाजा उक्त कार्य में उनके वार्ड की जनता का भी पूरा सहयोग मिल रहा हैं। पार्षद के अनुसार लगभग पूरे वार्ड में वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम किया जाएगा। ताकि किसी न किसी को उक्त कार्य का लाभ मिले और शहर जलसंकट जैसी समस्या से उभर सके।
निगम में मात्र मीटिंग सभा,जमीनी हकीकत कुछ और।

इधर वार्ड 20 में जो वर्षाजल को बचाने का कार्य जारी है वहीं दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम की जमीनी हकीकत यह है कि फिलहाल इसे लेकर योजनाएं ही बनाई जा रही हैं। सभाएं की जा रही है आयोजन हो रहे हैं। लेकिन वार्ड 20 की कांग्रेसी पार्षद यशस्वी पटेल ने जो कार्य जमीनी रूप से शुरू कर दिया है उसकी बात ही अलग हैं। क्योंकि कागजी खानापूर्ति की बजाय वह जमीनी रूप से जल संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं।