Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

Rewari Company Fire: रेवाड़ी की GLS कंपनी प्रबंधन पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज; मालिक और HR हेड नामजद

10

रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी जिला अंतर्गत बावल औद्योगिक क्षेत्र (Bawal Industrial Area) में स्थित प्रतिष्ठित जीएलएस (GLS) कंपनी में पिछले दिनों हुए रूह कंपा देने वाले भीषण अग्निकांड के मामले में जिला पुलिस ने एक बहुत बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कंपनी प्रबंधन की घोर लापरवाही के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की बेहद गंभीर व संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में मुख्य रूप से कंपनी के मालिक, एचआर हेड (HR Head), प्लांट हेड (Plant Head) सहित सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अन्य सभी आला अधिकारियों को नामजद किया गया है। पुलिस केस दर्ज होने के बाद से ही इन सभी रसूखदार आरोपियों पर गिरफ्तारी की कानूनी तलवार लटक रही है। पुलिस द्वारा दर्ज इस मुकदमे में लापरवाही बरतने और गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide) जैसी कई गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं।

🪵 अब तक 3 बेकसूर कर्मचारियों की हो चुकी है दर्दनाक मौत: मलबे में 5 दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिले जले हुए अवशेष

गौरतलब है कि इस केमिकल और पैकेजिंग कंपनी में लगी भयावह आग की इस अमानवीय घटना में अब तक तीन निर्दोष कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में विभिन्न हायर मेडिकल सेंटरों और अस्पतालों में अपनी जिंदगी और मौत के बीच कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। इस औद्योगिक हादसे की विभीषिका और भयावहता का अंदाजा इसी बात से सहज लगाया जा सकता है कि आग की लपटों में पूरी तरह स्वाहा हो चुके दो कर्मचारियों के शरीर के जले हुए अवशेष (Human Remains) करीब पांच दिनों तक मलबे के भीतर चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद बाहर निकाले जा सके। इस बेहद कठिन और जोखिम भरे राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ (NDRF), स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस की तकनीकी टीमों को दिन-रात लगातार भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।

🚪 ‘फैक्ट्री में पर्याप्त इमरजेंसी गेट तक नहीं थे’: कर्मचारियों का आरोप— पहले भी प्रबंधन को दी गई थी सुरक्षा में कमी की चेतावनी

पल्ला पुलिस और स्थानीय थाने को दी गई अपनी लिखित शिकायत में कंपनी के जीवित बचे प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों ने प्रबंधन पर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि उन्होंने और उनके श्रमिक संगठनों ने कंपनी प्रबंधन को पहले भी कई बार फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाओं (Safety Protocols) की भारी कमी, फायर अलार्म के खराब होने और किसी भी अनहोनी के संभावित खतरे के बारे में लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया था, लेकिन प्रबंधन ने अपनी व्यावसायिक सनक में समय रहते कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया।

शिकायत में इस बात का भी विशेष उल्लेख किया गया है कि फैक्ट्री के जिस ब्लॉक में सबसे पहले केमिकल ब्लास्ट के बाद आग भड़की थी, वहां नियमों के विपरीत पर्याप्त आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) तक मौजूद नहीं थे, जिसके चलते आग लगते ही अंदर काम कर रहे दर्जनों कर्मचारी समय पर बाहर नहीं भाग सके और यह बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि यदि कंपनी प्रबंधन पहले से तय सरकारी सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लेता और आवश्यक इंतजाम रखता, तो इस भयावह हादसे को शत-प्रतिशत टाला जा सकता था और तीन घरों के चिराग बुझने से बच सकते थे।

🔥 हादसे के बाद केमिकल और स्टाफ की लिस्ट छुपाता रहा प्रबंधन: रेवाड़ी डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र मीणा ने लगाई कड़ी फटकार

आरोपों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती; शिकायत में यह भी बताया गया है कि इतना बड़ा हादसा हो जाने के बाद भी संवेदनहीन कंपनी प्रबंधन ने राहत कार्य में जुटे जिला प्रशासन को फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों की वास्तविक मस्टर रोल सूची (Staff List) और फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में डंप कर रखे गए ज्वलनशील केमिकल संबंधी अति महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई। प्रबंधन के इस अड़ियल और असहयोगात्मक रवैये के कारण एनडीआरएफ और दमकल कर्मियों के राहत एवं बचाव कार्य में कई घंटों की देरी हुई, जिससे आग और फैल गई तथा स्थिति को नियंत्रित करने में बचाव दलों को अतिरिक्त जानलेवा परेशानी का सामना करना पड़ा।

विभागीय जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान संवेदनशील प्रशासनिक जानकारी देने में की गई इस जानबूझकर की गई देरी को लेकर रेवाड़ी के जिला कलेक्टर (DC) अभिषेक मीणा और पुलिस अधीक्षक (SP) हेमेंद्र मीणा ने भी घटनास्थल पर ही कंपनी प्रबंधन को सरेआम कड़ी फटकार लगाई थी। फिलहाल, रेवाड़ी पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से वैज्ञानिक जांच कर रही है और कयास लगाए जा रहे हैं कि नामजद अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी शुरू करेंगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!