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Bhopal Twisha Case: रिमांड पर आरोपी पति समर्थ सिंह बदल रहा बयान; पुलिस कमिश्नर ने कहा- जांच भटकाने की कोशिश

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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में गिरफ्तार आरोपी पति समर्थ सिंह इस समय पुलिस रिमांड पर है। लेकिन पुलिस सूत्रों और पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि वह लगातार पुलिस को गुमराह करने और गुपचुप तरीके से खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा और आधिकारिक खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी समर्थ सिंह जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है और हर पूछताछ में अपने बयान बदल रहा है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रिमांड अवधि के दौरान समर्थ से घटना की रात के हर एक पहलू और मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर सख्ती से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, उसके द्वारा दिए जा रहे कई जवाब और दावे शुरुआती वैज्ञानिक जांच में मेल नहीं खा रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस उसके हर एक मौखिक बयान का तकनीकी (Technical) और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से वेरिफिकेशन कर रही है।

📹 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से छेड़छाड़ नहीं, फुटेज खंगाल रही पुलिस: फरार रहने के दौरान मदद करने वाले भी रडार पर

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि आरोपी समर्थ सिंह खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए जांच की दिशा को बार-बार भटकाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि फरारी काटने के दौरान समर्थ को किस-किस रसूखदार व्यक्ति ने छिपने में मदद पहुंचाई और वित्तीय सहायता दी। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, ऐसे सभी मददगारों की पहचान गुप्त रूप से की जा रही है और जल्द ही उन पर भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

इस बीच, जांच एजेंसियों ने तकनीकी अफवाहों पर विराम उठाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि घटना स्थल और आसपास के रिहायशी इलाके से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ या डेटा डिलीट नहीं हुआ है। पुलिस की एक विशेष टीम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और डिजिटल फुटेज के जरिए उस रात के पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। वहीं, इस मामले में आरोपी की मां और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है और वर्तमान में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर जिला अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

⚖️ देश की सर्वोच्च अदालत का बड़ा फैसला: आज ही भोपाल पहुंचकर लोकल पुलिस से पूरा केस टेकओवर करेगी CBI की विशेष टीम

दूसरी तरफ, भोपाल की इस पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा (दिव्या) शर्मा की संदिग्ध मौत का यह गंभीर मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के पटल पर पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बागची की विशेष खंडपीठ ने इस संवेदनशील मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए बेहद अहम सुनवाई की। अदालत के कड़े रुख के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम आज ही दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो रही है। भोपाल पहुंचते ही सीबीआई की टीम स्थानीय पुलिस से इस पूरे केस डायरी और जांच की कमान को आधिकारिक रूप से अपने हाथों में (Takeover) ले लेगी।

🤝 समाज के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना: मध्य प्रदेश सरकार के फैसले और CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई सहमति

भोपाल पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस से केस से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट्स और साक्ष्य अपने कब्जे में लेकर सीबीआई नए सिरे से… केस को रिरजिस्टर्ड (दोबारा दर्ज) करेगी और अपनी स्वतंत्र जांच शुरू करेगी। अदालत में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस दुखद घटना को पूरे सभ्य समाज के लिए बेहद चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से देश के सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता अदालत में पेश हुए। उन्होंने माननीय बेंच को सूचित किया कि मामले की संवेदनशीलता, निष्पक्षता और जनता के भरोसे को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इसकी विस्तृत जांच खुद आगे बढ़कर सीबीआई (CBI) को सौंप दी है। राज्य सरकार के इस त्वरित और पारदर्शी फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने अपनी पूरी सहमति जताई और उम्मीद जताई कि पीड़िता के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।

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