Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Chitrakoot Gaushala: चित्रकूट की गौशाला में गायों के लिए 'वाटर पार्क' जैसी सुविधा; भीषण गर्मी में शॉ... Indore Blackmailing Case: शराब ठेकेदार चिंटू ठाकुर ब्लैकमेलिंग मामले में बड़ी कार्रवाई; श्वेता जैन क... Indore Water Crisis: इंदौर में जल संकट के बीच नौलखा चौराहे पर नर्मदा लाइन लीक; टंकी भरने के बाद बह र... Indore Swachh Survekshan: इंदौर में आज से शुरू होगा स्वच्छ सर्वेक्षण; देपालपुर के साथ 'स्वच्छ शहर जो... Indore Traffic Update: शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव से थमी रफ्तार; हर मुख्य चौराहे पर लग रही गाड़ियो... Daly College Indore: डेली कॉलेज के नए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन पूरा; विक्रम सिंह पवार संभालेंगे मुख्... Indore WildLife News: इंदौर में मोरों को गर्मी से बचाने की मुहिम; वन विभाग ने 15 जगहों पर की दाना-पा... Indore Murder Case: इंदौर में भिंड के हिस्ट्रीशीटर अभि तोमर की हत्या; आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम... Sidhi Fire Accident: सीधी में शार्ट सर्किट से खपरैल मकान में लगी भीषण आग; एक ही परिवार के 3 मासूम बच... MP Crime Report: मध्य प्रदेश में महिला एवं बाल अपराधों की कड़वी हकीकत; क्या दावों के बीच सुरक्षित है...

UP Power Crisis: ‘आईना उठाने से पहले खुद देखो’—यूपी में बिजली कटौती पर अखिलेश यादव को ऊर्जा मंत्री का करारा जवाब

2

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जारी बिजली कटौती और ट्रिपिंग का मुद्दा अब बेहद गरमा गया है। लगातार हो रही बिजली कटौती से जहां एक ओर आम जनता बेहाल है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे को लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी सूबे की योगी सरकार पर लगातार हमलावर है। इस बीच, सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष की तीखी आलोचना का बेहद कड़ा और तार्किक जवाब दिया गया है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने सूबे की विद्युत व्यवस्था को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट लिखकर तीखा पलटवार किया है। बिजली मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने कार्यकाल के इतिहास को खंगाल लेना चाहिए।

ऊर्जा मंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने विस्तृत बयान में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा शासनकाल (वर्ष 2012 से 2017) के दौरान पूरे राज्य की औसत पीक बिजली डिमांड महज 13,000 मेगावाट (MW) हुआ करती थी, जिसे तब की सरकार संभाल नहीं पाती थी; जबकि वर्तमान योगी सरकार के कार्यकाल में औद्योगिकीकरण और विकास के चलते यह डिमांड बढ़कर 30,000 मेगावाट से भी अधिक हो चुकी है, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जमीनी हकीकत बयां करते हुए दावा किया कि सपा राज में प्रदेश के कई गांवों में पूरे हफ्ते में सिर्फ एक बार दर्शन देने वाली बिजली के विपरीत, आज हमारी नीतियों के चलते गांवों, तहसीलों और छोटे-बड़े शहरों में 18 से लेकर 24 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति (Power Supply) सुनिश्चित की जा रही है।

🔌 ‘सपा राज में बिजली चोरी और कटियाबाजी को मिलता था खुला संरक्षण’: ऊर्जा मंत्री बोले—योगी सरकार ने चरमराई व्यवस्था को सुधारा

प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं का विशेष रूप से जिक्र करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि साल 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद से उत्तर प्रदेश में वैध बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में ऐतिहासिक और भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज राज्य में 3.70 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपभोक्ताओं को सीधे ग्रिड से बिजली मिल रही है। इसके साथ ही उन्होंने पिछली अखिलेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय राज्य में बिजली चोरी और अवैध कटियाबाजी को राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण पूरी उत्पादन और वितरण व्यवस्था अंदर से खोखली और चरमराई हुई थी।

ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले कुछ सालों में इस बदहाल हालत को सुधारने के लिए वित्तीय और ढांचागत स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों से जर्जर तारों को हटाने, पुराने पड़ चुके खंभों को बदलने और ओवरलोडिंग के कारण फूंकने वाले खराब ट्रांसफॉर्मर्स को तुरंत बदलने के लिए राज्यव्यापी मेगा अभियान चलाया गया। वर्तमान में भी प्रदेश की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए हजारों मेगावाट की नई थर्मल और सौर विद्युत परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है तथा ग्रिड की ट्रांसमिशन क्षमता को भी लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।

📊 लाखों किलोमीटर जर्जर तार बदले और रिकॉर्ड बिजली मांग की पूरी: स्मार्ट मीटर विवाद पर उपभोक्ताओं को दी बड़ी राहत

मंत्री ए.के. शर्मा ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि यूपी में पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड स्तर पर लाखों किलोमीटर जर्जर और नंगे तारों को हटाकर एरियल बंच्ड केबल (ABC) लगाए गए हैं और लाखों नए बिजली खंभे खड़े किए गए हैं। उनका कहना है कि इन सुधारों के दम पर ही आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाले अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से शुमार हो गया है और इस भीषण मौसम में भी ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बिजली मांग को ग्रिड फेल किए बिना पूरा किया जा रहा है।

हाल ही में राज्य में उपजे स्मार्ट मीटर विवाद (Smart Meter Controversy) पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली मंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक एलान किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की तकनीकी और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत समीक्षा पूरी होने तक नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के काम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और इसकी जगह पोस्टपेड जैसी उपभोक्ता अनुकूल व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही डिस्कॉम के सभी आला अधिकारियों और इंजीनियरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भीषण गर्मी के इस दौर में किसी भी कीमत पर स्थानीय स्तर पर ट्रिपिंग तथा लो-वोल्टेज की समस्याओं को तुरंत अटेंड कर दूर किया जाए।

🪞 “आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद का चेहरा देखो”: बबूल के पेड़ आपने बोए, हम उन्हें समूल नष्ट कर रहे हैं

ऊर्जा मंत्री ने सीधे तौर पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो बुनियादी और सुधारात्मक काम पिछले साठ सालों में नहीं हुए, वे आज धरातल पर किए जा रहे हैं और प्रदेश की जागरूक जनता बिजली व्यवस्था में आए इस गुणात्मक बदलाव को खुद महसूस कर रही है। उन्होंने सपा प्रमुख पर सीधा तंज कसते हुए कहा, “आजकल समाजवादी पार्टी के मुखिया को यूपी की बिजली व्यवस्था बहुत कमजोर दिख रही है। मैं उनसे बस यही कहना चाहूंगा कि आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दूसरों को दिखाया करो।”

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपने लंबे पत्र के अंत में बिजली मंत्री ने बेहद आक्रामक और शायराना अंदाज में लिखा, “भीषण गर्मी की वजह से अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हुई इस राष्ट्रीय मांग को पूरा करने में चौबीसों घंटे जुटे हुए हमारे इंजीनियरों और कर्मचारियों का आप जैसे अनुभवी और पूर्व मुख्यमंत्री पद पर रहे व्यक्ति को राजनीतिक सहयोग करना चाहिए। रही बात बबूल की, तो इसका फैसला तो सूबे की जनता पहले ही कर चुकी है। वो कांटेदार पेड़ तो आपने अपने शासनकाल में लगाए हैं, हम तो शासन में रहकर उन्हें समूल नष्ट करने का काम कर रहे हैं। मेरे इस पोस्ट के साथ पिछले शासनों की हकीकत बयां करता एक और आईना (आंकड़ों की सूची) अटैच है, उम्मीद है वो झूठ नहीं बोलेगा।” इस ट्वीट के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बिजली संकट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!