Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत... INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क...

Make in India: शिरडी में बनेगा निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा डिफेंस कॉम्प्लेक्स; हर साल तैयार होंगे 5 लाख तोप के गोले

44

शिरडी: भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने और ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India in Defense) अभियान को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। स्वदेशी ‘सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ के शानदार और सफल परीक्षणों के बाद, अब महाराष्ट्र के शिरडी (अहिल्या नगर जिला) में स्थित निबे (NIBE) ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में हर साल करीब 5 लाख आधुनिक आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाएंगे। यह विशालकाय प्लांट भारत के निजी क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन केंद्र (Artillery Ammunition Production Center) माना जा रहा है।

इस गेम-चेंजर और अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन परियोजना का भव्य उद्घाटन आज (शनिवार, 23 मई 2026) देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक शुरुआत को लेकर कंपनी और प्रशासन स्तर पर सभी महत्वपूर्ण तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निबे ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस स्वदेशी प्लांट के शुरू होने से भारतीय सेना (Indian Army) की मारक क्षमता को अभूतपूर्व शक्ति मिलेगी और युद्ध के समय सेना को आधुनिक गोला-बारूद की बैक-टू-बैक तेज आपूर्ति ग्राउंड पर सुनिश्चित की जा सकेगी।

🏭 निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि: एयरोस्पेस और एडवांस्ड इंजीनियरिंग के लिए डिजाइन हुआ हब

महाराष्ट्र के अहिल्या नगर जिले के शिरडी में स्थित यह नया और हाई-टेक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स भारत के निजी रक्षा विनिर्माण इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। इस अत्याधुनिक सुविधा को रक्षा और एयरोस्पेस (Defense and Aerospace) जैसे अति-संवेदनशील व महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दुनिया की सबसे उन्नत श्रेणी की ‘एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग’ को बढ़ावा देने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।

यह प्लांट न केवल विदेशी हथियारों पर भारत की निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करेगा, बल्कि स्वदेशी सैन्य प्रौद्योगिकी (Indigenous Technology) और रणनीतिक हथियार उत्पादन में भारत की बढ़ती वैश्विक धक को भी मजबूती से सुदृढ़ करेगा। भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित तकनीकों के दम पर अब देश के रक्षा निर्यात ग्राफ में भी इस प्लांट के जरिए बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

🚀 155mm के गोले से लेकर सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर तक: अत्याधुनिक तोपखानों और ड्रोन तकनीक का शिरडी में होगा मास-प्रोडक्शन

हाल ही में भारतीय सेना की उपस्थिति में स्वदेशी ‘सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ के सभी ट्रायल पूरी तरह सफल और सटीक रहे हैं, जिसके तुरंत बाद अब इस प्लांट में इसके बड़े पैमाने पर ‘मास-प्रोडक्शन’ (Mass Production) की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है।

शिरडी के इस अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स में भारतीय सेना की रीढ़ माने जाने वाले 155mm, 120mm, L-50 और 125mm जैसी खतरनाक और आधुनिक तोपों के गोले मुख्य रूप से निर्मित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यहाँ नेक्स्ट-जेन गाइडेड मिसाइल सिस्टम, सैन्य अभियानों के लिए निगरानी व अटैक ड्रोन (Drones) और हैवी रॉकेट लॉन्चरों का निर्माण भी पूरी तरह स्वदेशी मैटेरियल के साथ किया जा रहा है, जो भारतीय तोपखाने (Artillery) को दुनिया में सबसे घातक बनाएगा।

💰 ₹3,000 करोड़ का मेगा निवेश और 2,000 युवाओं को रोजगार: 70% रक्षा उपकरणों को दूसरे देशों में निर्यात करने का महा-लक्ष्य

अगर इस मेगा प्रोजेक्ट के आर्थिक और ढांचागत ढांचे पर नजर डालें तो यह पूरा डिफेंस कॉरिडोर वर्तमान में लगभग 200 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3,000 एकड़ तक विस्तार योग्य (Expandable) बनाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित कुल लागत ₹3,000 करोड़ से भी ज्यादा आंकी गई है। इस अत्याधुनिक परियोजना के पहले चरण में शुरुआती निवेश के तौर पर ₹1,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि जमीन पर खर्च की जा रही है।

इस इकाई के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र के लगभग 2,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उच्च-स्तरीय रोजगार (Employment) के अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही, इससे जुड़े सैकड़ों स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी कंपोनेंट सप्लाई के बड़े ऑर्डर मिलेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस प्लांट में बनने वाले कुल रक्षा उपकरणों का लगभग 70% हिस्सा दुनिया के मित्र देशों को निर्यात (Export) करने का एक बड़ा वैश्विक लक्ष्य तय किया गया है, जो भारत को नेट-इंपोर्टर से नेट-एक्सपोर्टर बनाएगा।

🤝 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस जनरल अनिल चौहान की मौजूदगी: सीएम फडणवीस सहित कई दिग्गज बने कार्यक्रम के साक्षी

इस राष्ट्रीय महत्व की डिफेंस परियोजना का सफल क्रियान्वयन महाराष्ट्र के ही अग्रणी निबे (NIBE) ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। शिरडी स्थित इस अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (DMC) का आधिकारिक उद्घाटन 23 मई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हो रहा है।

इस गौरवशाली और ऐतिहासिक राष्ट्रीय मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल भी मुख्य रूप से कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और देश के प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति में शुरू हो रहा यह प्लांट नए भारत की आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक बनने जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!