Chitrakoot Gaushala: चित्रकूट की गौशाला में गायों के लिए ‘वाटर पार्क’ जैसी सुविधा; भीषण गर्मी में शॉवर से कराया जा रहा स्नान
सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले के अंतर्गत आने वाले धार्मिक नगरी चित्रकूट की एक गौशाला इन दिनों अपनी अनोखी और अनूठी व्यवस्था को लेकर पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए यहाँ गायों के लिए गौशाला परिसर में आधुनिक शॉवर (फव्वारा) सिस्टम लगाया गया है, जो बिल्कुल किसी वाटर पार्क जैसा अहसास कराता है। यह सर्वसुविधायुक्त गौशाला ‘सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट’ द्वारा बेहद व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। वर्तमान में इस हाईटेक गौशाला में करीब 1300 गौवंशों को आश्रय दिया गया है, जिनकी पूरी देखभाल चौबीसों घंटे परिवार के सदस्यों की तरह की जाती है। अब मूक पशुओं को जानलेवा गर्मी और लू के थपेड़ों से सुरक्षित रखने के लिए यह विशेष शॉवर कूलिंग सिस्टम चालू किया गया है।
इस अनोखी और आधुनिक व्यवस्था के तहत गौशाला में रहने वाले सभी गौवंशों को प्रतिदिन नियम से शीतल जल से स्नान कराया जाता है, जिससे उन्हें दिन की तेज धूप और तपन से तत्काल राहत मिलती है। गौशाला प्रबंधन ने केवल स्नान की ही व्यवस्था नहीं की है, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर की साफ-सफाई, पीने के लिए स्वच्छ व शीतल पानी और ठंडी हवा के लिए बड़े-बड़े पंखों व कूलरों की भी विशेष व्यवस्था की है। गौवंशों के बैठने और आराम करने के स्थानों पर विशाल टीन शेड बनाए गए हैं, ताकि सूर्य की सीधी किरणें उन पर न पड़ें और वे गर्म हवाओं (लू) के प्रकोप से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
💬 ‘ट्रस्ट पिछले 30 वर्षों से लगातार कर रहा है गौ सेवा’ — संचालक इलेश जैन ने स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. वीके जैन को दिया प्रेरणा का श्रेय
सदगुरु सेवा ट्रस्ट गौशाला के मुख्य संचालक इलेश जैन ने इस अनूठी पहल के बारे में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया, “हमारा सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट पिछले 30 वर्षों से पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ लगातार गौ सेवा के पुनीत कार्य में जुटा हुआ है। वर्तमान में हमारे इस केंद्र पर लगभग 1300 छोटे-बड़े गौवंशों की पूरी सजगता के साथ देखभाल और चिकित्सा की जा रही है। ट्रस्ट के पूर्व डायरेक्टर स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. वीके जैन ने अपने संपूर्ण जीवनकाल में गौ सेवा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी और वे दिन-रात गायों के कल्याण के लिए कार्य करते रहे। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हीं की पवित्र प्रेरणा और सिद्धांतों पर चलते हुए ट्रस्ट लगातार गौवंशों के लिए समय-समय पर नई और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।”
उन्होंने आगे बताया, “इस बार मार्च-अप्रैल महीने से ही बढ़ती रिकॉर्ड गर्मी को देखते हुए हमने अपनी गौमाताओं के लिए यह विशेष ऑटोमैटिक शॉवर सिस्टम लगवाया है। इसमें अलग-अलग स्लॉट और समय पर सभी गौवंशों को कतारबद्ध तरीके से स्नान कराया जाता है। विशेषकर दोपहर 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक, जब बाहरी तापमान और गर्मी अपने चरम स्तर पर होती है, तब सभी गौवंशों को विशेष रूप से टीन शेड के भीतर पंखों की ठंडी हवा के नीचे आराम से रखा जाता है, ताकि उन्हें गर्मी के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन या अन्य किसी बीमारी का सामना न करना पड़े।”