Indore Swachh Survekshan: इंदौर में आज से शुरू होगा स्वच्छ सर्वेक्षण; देपालपुर के साथ ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ में होगा कड़ा मुकाबला
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ‘सुपर स्वच्छ लीग’ में शामिल इंदौर नगर निगम (IMC) का स्वच्छ सर्वेक्षण शनिवार से विधिवत शुरू होने जा रहा है। इस बार का सर्वेक्षण इंदौर के लिए बेहद खास और चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ (Swachh City Pair) की नई नीति के तहत इंदौर का संयुक्त आकलन इस बार देपालपुर नगर परिषद के साथ किया जाना है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में देश भर के कुल 4,909 शहरों के बीच स्वच्छता का महामुकाबला है। इस बार ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ के तहत पिछले राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में लगातार अव्वल और शीर्ष पायदान पर रहे दिग्गज शहरों को एक साथ जोड़कर उनकी परीक्षा ली जा रही है।
📋 12,500 अंकों पर होगा इंदौर का कड़ा आकलन: 31 मई तक शहर के चप्पे-चप्पे की जांच करेगी केंद्रीय टीम
नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर सहित प्रतियोगिता में शामिल अन्य सभी शहरों का समग्र आकलन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाना है। इंदौर में शनिवार से शुरू होने वाला यह सघन मैदानी सर्वेक्षण आगामी 31 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान दिल्ली से आने वाली केंद्रीय सर्वेक्षण टीमें (Survey Teams) शहर के विभिन्न रहवासी (रेसिडेंशियल) व व्यावसायिक (कमर्शियल) इलाकों की दैनिक साफ-सफाई, प्रमुख पर्यटन स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यस्त बाजारों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स, ऐतिहासिक धरोहरों और बड़े ट्रांसपोर्ट हब्स का औचक निरीक्षण कर अंकों का निर्धारण करेंगी।
🗺️ देपालपुर के साथ टिकी हैं इंदौर की उम्मीदें: महू, राऊ, गौतमपुरा और हातोद में पहले ही पूरा हो चुका है सर्वे
इस बार के राष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार, इंदौर की रैंकिंग और स्कोर काफी हद तक देपालपुर के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा, क्योंकि दोनों का आकलन एक जोड़ी के रूप में होना है। देपालपुर में केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण टीम ने बीते 20 मई से ही अपना सर्वे और जमीनी डेटा संकलन शुरू कर दिया है। इंदौर जिले की अन्य तहसीलों और स्थानीय निकायों की बात करें तो महू (Mhow), राऊ (Rau), गौतमपुरा और हातोद में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रक्रिया पहले ही सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। अब पूरे जिले और प्रदेश की नजरें इंदौर नगर निगम के इस अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दौर के सर्वे पर टिकी हैं।