Indore Blackmailing Case: शराब ठेकेदार चिंटू ठाकुर ब्लैकमेलिंग मामले में बड़ी कार्रवाई; श्वेता जैन का बेटा भी हिरासत में
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रसूखदार शराब ठेकेदार हितेंद्रसिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने वाले हाई-प्रोफाइल गिरोह के खिलाफ कनाड़िया थाना और क्राइम ब्रांच पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने जाल बिछाकर इस ब्लैकमेलिंग गैंग के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार को पूरी तरह से जब्त कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों के पास से कुल छह (6) महंगे स्मार्टफोन और मोबाइल भी अपनी जब्ती में लिए हैं। हालांकि, फॉरेंसिक और प्रारंभिक जांच के दौरान इन जब्तशुदा मोबाइलों में पुलिस को फिलहाल एक भी आपत्तिजनक वीडियो या साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे पुलिस को अंदेशा है कि पकड़े जाने के डर से डेटा डिलीट किया गया है। इसी तकनीकी मोड़ के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी श्वेता जैन के बेटे को भी अपनी कस्टडी (हिरासत) में ले लिया है, जिससे इस मामले के डिजिटल सबूतों को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
⚖️ बाणगंगा के चिंटू ठाकुर से मांगी थी 1 करोड़ की रंगदारी: अलका दीक्षित, जयदीप और रेशू चौधरी समेत कई थानों में चल रही पूछताछ
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इंदौर के बाणेश्वरी कुंड (बाणगंगा क्षेत्र) के रहने वाले प्रतिष्ठित कारोबारी हितेंद्रसिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोपी अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, श्वेता जैन, रेशू चौधरी और लाखन सिंह पर सोची-समझी साजिश के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की मोटी रकम (रंगदारी) मांगने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर पुलिस का आला अमला सभी आरोपियों को अलग-अलग और बेहद गोपनीय जगहों पर रखकर मैदानी पूछताछ कर रहा है। गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच क्राइम ब्रांच के दफ्तर, सीपी ऑफिस (कमिश्नर कार्यालय) और कनाड़िया थाने की विशेष सेल में रखकर लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि इस ब्लैकमेलिंग रैकेट से जुड़े अन्य रसूखदार चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।