Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court on Fake News: 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की जानकारी स्वीकार नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी ... Delhi Mayor Election 2026: बीजेपी ने प्रवेश वाही को बनाया मेयर उम्मीदवार, AAP के चुनाव न लड़ने से जी... West Bengal Elections: मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान भयंकर हिंसा, TMC और हुमायूं कबीर के समर्थकों क... Supreme Court on I-PAC Raid: 'इससे राष्ट्रपति शासन की स्थिति पैदा हो सकती है', आई-पैक रेड मामले पर S... West Bengal Elections: 'झालमुड़ी मैंने खाई, झटका TMC को लगा', वोटिंग के बीच बंगाल में बोले PM मोदी; ... Bengaluru: आईफोन फैक्ट्री के टॉयलेट में लड़की बनी मां, बच्चे को जन्म देते ही रेता गला; रोंगटे खड़े क... पटना में गजब का फ्रॉड! रसगुल्ला खिलाकर हड़प ली करोड़ों की जमीन, न्याय की गुहार लेकर डिप्टी CM सम्राट... पति के दोस्त संग रचाई शादी, फिर WhatsApp स्टेटस लगाकर किया ऐलान; देखकर पति के उड़े होश, 2 साल पहले ह... शादी में खूनी खेल! नेग में मांगे ₹11000, दूल्हे के पिता ने मना किया तो किन्नरों ने चला दी गोलियां; प... Nashik TCS News: नासिक टीसीएस में महिला कर्मचारी का उत्पीड़न, धर्मांतरण के दबाव और टॉर्चर पर पीड़िता...

Corporate Jihad: ‘कॉरपोरेट जिहाद’ के लिए कंपनियों को कहां से मिली फंडिंग? NIA की चार्जशीट में होगा बड़ा खुलासा

6

देश में संदिग्ध आर्थिक नेटवर्क के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इसी कड़ी में केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए को नासिक शहर पुलिस द्वारा एक अहम मामले से जुड़े डॉक्यूमेंट सौंपे गए हैं. इन डॉक्यूमेंट के आधार पर एजेंसी ने बेहद गोपनीय तरीके से अपनी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है.

सूत्रो के मुताबिक, यह मामला ‘कॉरपोरेट जिहाद’ से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कुछ कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेन-देन किए जाने का शक है. जांच एजेंसियां अब इन कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश के स्रोत और उनके लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं. खासतौर इन कंपनियों में आया पैसा कहां से आया और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया गया, इसे देखा जा रहा है.

विदेशी फंडिंग नेटवर्क से तार जुड़े होने की आशंका

शुरुआती जांच में ये संकेत मिले हैं कि कुछ फर्जी या कागजी कंपनियों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर धन जुटाने के लिए किया जा रहा था. आशंका है कि इसी धन का इस्तेमाल करके देश विरोधी गतिविधियों को वित्तीय समर्थन देने में किया गया हो सकता है. एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन ट्रांजेक्शन्स के तार अंतरराष्ट्रीय संगठनों या विदेशी फंडिंग नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं.

नासिक पुलिस प्रमुख ने कहा था कि हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि हम इन मामलों में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रहे हैं. हमने राज्य खुफिया विभाग (SID), आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पत्र लिखकर उनका ध्यान और सहयोग मांगा था. जैसे ही हमें कोई सबूत मिलेगा, हम इन पहलुओं के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे. यौन अपराधों, धर्म परिवर्तन के प्रयासों और कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न के नौ मामलों में से पहला मामला 26 मार्च को एक महिला ने दर्ज कराया था. महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपियों में से एक ने उसे नौकरी दिलाने और शादी करने का वादा करके उसका यौन शोषण किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!