Haryana Government Action: वायु प्रदूषण पर सरकार का प्रहार; पुराने वाहनों पर कार्रवाई और नई वाहन एग्रीगेटर नीति अधिसूचित
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े और निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया है। अब 1 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले 2780 पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा। यह निर्णय प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से दूर रखने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
📊 निगरानी का विस्तार: 15 जून तक स्थापित होंगे शेष मॉनिटरिंग स्टेशन
वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। राज्य में कुल 45 सीएएक्यूएमएस (CAAQMS) स्टेशनों की स्थापना का लक्ष्य है, जिनमें से 22 पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। शेष स्टेशनों को 15 जून तक स्थापित करने का लक्ष्य है और 30 सितंबर तक ये सभी स्टेशन पूरी तरह से संचालित हो जाएंगे। इसके अलावा, एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) पुराने वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिसके तहत परिवहन विभाग प्रतिदिन 100 पुराने वाहनों को जब्त करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
🚚 नई वाहन एग्रीगेटर नीति और उद्योगों पर कड़ी निगरानी
हरियाणा सरकार ने डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ‘वाहन एग्रीगेटर नीति’ को अधिसूचित कर दिया है, जिसके लिए एक समर्पित वेब पोर्टल भी तैयार किया गया है। वहीं, औद्योगिक प्रदूषण को कम करने के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) के माध्यम से 1,349 प्रदूषणकारी उद्योगों की निगरानी की जा रही है, जिनमें से 1,286 इकाइयों पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीधे नजर रख रहा है। इसके साथ ही, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अंतर्गत 2,953 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1,164 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण भी किया गया है ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.