Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE, तमाम भाजपाई अधिकारियों के सामने साबित हो रहे बेबस,मंत्री,मेयर या विधायक सभी का एक ही रोना सु... INDORE,भाजपा नेता, प्रशासनिक अधिकारी और रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं की तगड़ी गठजोड़,सवालो... ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास के नाम पर हो रहा विनाश,अधिवक्ताओं ने इंदौर संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन... INDORE,मुख्यमंत्री के जलसंरक्षण अभियान का रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं ने उड़ाया मज़ाक,बिल... INDORE,महापौर जी बस देते आश्वासन! सख्ती,निगम कमिश्नर की दिनरात की मेहनत को निगम अमला लगा रहा बट्टा,इ... INDORE, नो कार डे,खुद निगमायुक्त सहित प्रभारी मेयर अपर आयुक्त ने कार को एक दिन के लिए कहा ना,दो पहिय... INDORE, कोई जान जाए तो ही जागेंगे क्या जिम्मेदार? हाईकोर्ट में याचिका,बेखौफ अवैध यूनीपोल लॉलीपॉप और ... INDORE,नगर निगम की दो कार्यवाही दोनों सवालों के घेरे में!एक पर 10 लाख जुर्माना,दूसरे रॉयल ग्रीन काउं... INDORE,निगम खजाने में सेंध,कमिश्नर की मेहनत पर राजस्व अमला ARO-अपर आयुक्त लगा रहे पलीता, सील की गई द... INDORE, पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में चाकुबाजी की घटना से मचा हड़कंप,वीडियो हो रहा वायरल,पुलिस की भूमिका...

Arvind Kejriwal: जस्टिस स्वर्णकांता के सामने पेश नहीं होंगे अरविंद केजरीवाल, चिट्ठी लिख बोले- ‘न्याय की उम्मीद टूटी’

46

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें शराब नीति केस की सुनवाई से हटने की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से मांग की गई थी. वहीं अब केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अब वह खुद उनके सामने पेश नहीं होंगे और न ही किसी वकील के जरिए अपनी पैरवी करवाएंगे.

इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल लेटर में यह भी कहा कि जस्टिस स्वर्ण कांता से इंसाफ मिलने की उनकी उम्मीद टूट गई है. ऐसे में उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर ये निर्णय लिया है.

सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित

AAP नेता ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का हवाला देते हुए संकेत दिया कि वह इस मामले में कानूनी लड़ाई के बजाय नैतिक और वैचारिक विरोध का रास्ता अपनाएंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि जस्टिस स्वर्णकांता के किसी भी फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखेंगे.

क्या है मामला

दरअसल यह पूरा मामला दिल्ली शराब घोटाले से जुड़ा है. केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग (recusal) करने की मांग की थी. उन्होंने जज पर पक्षपात की आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था. हालांकि, जस्टिस शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था.

जज स्वर्ण कांता शर्मा ने क्या कहा

दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा था कि महज आशंका के आधार पर किसी को कोर्ट से राहत नहीं मिलेगी, कोई जज किसी मामले से खुद को अलग नहीं कर सकता. उन्होंने शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा दायर खुद को अलग करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया. सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा था कि केजरीवाल ने जज हटाने की मांग कर चित भी मेरी, पट भी मेरी जैसी स्थिति अपने लिए तैयार कर ली है.

उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल को राहत नहीं मिलती तो वह कहेंगे कि उन्होंने पहले ही इस नतीजे की भविष्यवाणी कर दी थी, वहीं अगर उन्हें राहत मिल जाती है तो वह कह सकते हैं कि कोर्ट ने दबाव में काम किया है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता इस स्थिति को उसी तरह पेश कर सकता है जैसा उसके नैरेटिव को सूट करता है. उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी. जज ने केजरीवाल की याचिका को बिना सबूतों के आरोप करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!