Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत... INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क...

पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी का बड़ा दांव! जेल से रिहा होते ही मैदान में उतरा दिग्गज नेता, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

36

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपने-अपने चुनाव अभियान में जुट गए हैं. कई सीटों पर कड़े मुकाबले होने के आसार हैं तो कई सीट प्रत्याशियों की वजह से चर्चा में बनी हुई हैं. ऐसे ही एक सीट है कोलकाता पोर्ट. इस हाई प्रोफाइल सीट पर टीएमसी और बीजेपी के बीच ही कड़ा मुकाबला है. बीजेपी ने इस सीट से एक ऐसे चेहरे को मुकाबले में उतारा है जो जेल से निकलते ही चुनाव मैदान में उतर गया और प्रचार में लग गया.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2 दिन पहले बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी छठी लिस्ट जारी की जिसमें सिर्फ एक ही प्रत्याशी का नाम था और वह था राकेश सिंह का. बीजेपी ने राकेश को कोलकाता पोर्ट सीट से मैदान में उतारा है. टिकट मिलने से करीब 24 घंटे पहले ही उन्हें प्रेसिडेंसी जेल से रिहा किया गया था. राकेश सिंह के मैदान में उतरने से मुकाबला हाई प्रोफाइल हो गया है क्योंकि यहां से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने दिग्गज नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को उतारा है.

कई शर्तों के साथ राकेश सिंह की रिहाई

अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले राकेश सिंह, जो 5 महीने से अधिक समय से जेल में बंद थे, को कई शर्तों के साथ जमानत दी गई थी. 5 दिनों तक फरार रहने के बाद उन्हें पिछले साल सितंबर में कोलकाता के टांगरा इलाके में एक निजी आवास से गिरफ्तार किया गया था. उन्हें कई शर्तों के साथ पिछले दिनों रिहा किया गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट को बताया था कि राकेश सिंह हिस्ट्रीशीटर हैं और उन पर 56 आपराधिक मामले चल रहे हैं. टीओआई का दावा है कि उन पर कम से कम 91 केस दर्ज हो सकते हैं. उन्होंने कोलकाता चिड़ियाघर में यूनियन नेता के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.

पिछले साल विधान भवन पर किया था हमला

राकेश सिंह की अगुवाई में BJP समर्थकों के एक ग्रुप ने 29 अगस्त, 2025 को विधान भवन पर हमला बोल दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्टरों को तोड़ डाला गया, और कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों के विरोध में ऑफिस के बाहर टायर जलाकर आगजनी की गई. यही नहीं BJP नेता ने इस घटना का सोशल मीडिया पर लाइव-स्ट्रीम भी किया था.

राकेश सिंह के पास कितनी संपत्ति

बीजेपी प्रत्याशी राकेश ने चुनाव के लिए दाखिल अपने हलफनामे में बताया कि उनके पास 39 हजार रुपये कैश हैं तो उनकी पत्नी के साथ 35 हजार रुपये कैश हैं. राकेश के पास 210 ग्राम सोना है जिसकी बाजार में करीब 25 लाख रुपये है. वहीं पत्नी के पास 70 लाख रुपये की कीमत का 600 ग्राम सोना है.

इस तरह से उनके पास 1.04 करोड़ रुपये हैं तो उनकी पत्नी के पास 1.44 करोड़ रुपये (1,44,12,587) की संपत्ति है. इसके अलावा राकेश के पास 52 लाख से अधिक की और पत्नी के पास 71 लाख रुपये से अधिक अचल संपत्ति है. हलफनामे में उन्होंने बताया कि उन्हें किसी भी आपराधिक मामले में अब तक सजा नहीं हुई है.

बीजेपी को कोलकाता पोर्ट से नहीं मिली जीत

कोलकाता पोर्ट सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है. यहां पर बीजेपी को अब तक एक बार भी जीत नहीं मिली है. 2011 के बाद से ही यहां पर टीएमसी का दबदबा रहा है. पहले इस सीट का नाम गार्डन रीच हुआ करता था, लेकिन बाद में इसे कोलकाता पोर्ट सीट कर दिया गया. कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट के तहत आने वाली इस सीट पर फिरहाद हकीम का दबदबा है.

टीएमसी के दिग्गज नेता फिरहाद हकीम साल 2011 से अब तक जीत रहे हैं. 2011 के बाद 2016 और 2021 में उन्होंने जीत हासिल की थी. पिछले चुनाव में हकीम ने बीजेपी के अवध किशोर गुप्ता को 68 हजार से हराया था. बीजेपी के प्रत्याशी राज कुमार शा को 2011 के चुनाव में 2,699 वोट मिले थे. जबकि 2016 में बीजेपी के अवध किशोर गुप्ता को 11,700 वोट मिले तो 2021 में वोटों की संख्या बढ़कर 36,989 तक पहुंच गई. ऐसे में इस बार यहां पर कड़ा मुकाबला होने के आसार बढ़ गए हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!