Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Neemuch News: नीमच में प्रशासन का बड़ा एक्शन; फर्म से मिला अखाद्य सल्फर और हाइड्रा केमिकल, फैक्ट्री ... MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की रणभेरी; तीसरी सीट पर उलझा कांग्रेस का सिय... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी का टॉर्चर; नौगांव में पारा 46.8 डिग्र... Morena Road Protest: मुरैना में नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन; बदहाल सड़क से भूत भगाने के लिए बुल... Jabalpur NCC Camp: जबलपुर में भीषण गर्मी का कहर; NCC कैंप के 31 कैडेट्स बीमार, 10 आईसीयू में भर्ती Indore Crime News: इंदौर में रुकवाया गया बाल विवाह; 13 साल की बच्ची से शादी कर रहा था 42 का अधेड़, 1... Super El Nino Impact: मई-जून में क्यों उबल रहा है देश? मौसम वैज्ञानिकों ने दी मानसून कमजोर होने और स... RG Kar Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर नगर निगम का बड़ा एक्शन; अवैध घर गिराने का आदेश West Bengal Free Bus Scheme: बंगाल में 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा; इस तरह ... India-Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर अभेद्य सुरक्षा; BSF ने खुले हिस्सों में शुरू किया ब...

नाई की दुकान में ‘मौत का प्लान’! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्ध

24

Lucknow News: उत्तर प्रदेश ATS ने एक बड़े राष्ट्र-विरोधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे निर्देश पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स और गैस सिलेंडर भरे ट्रकों में आगजनी कर आतंक व दहशत फैलाने वाले चार सदस्यीय गिरोह को ATS ने गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी साकिब उर्फ वकिल (25) निवासी अब्दुलपुर, थाना परीक्षितगढ़, मेरठ को उसके तीन साथियों समेत 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल बॉक्स में आगजनी-विस्फोट की योजना को अंजाम देने से ठीक पहले धर लिया गया.

ATS के अनुसार, साकिब नाई का काम करता था, लेकिन सोशल मीडिया टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संपर्क में था. हैंडलर ओसामा बिन लादेन, फरहतुल्ला गौरी, कश्मीर मुजाहिद्दीन और गजवा-ए-हिंद जैसे नामों का इस्तेमाल कर साकिब को धर्म के नाम पर वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को जलाने के लिए उकसाते थे. गिरोह का मकसद भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना और देश में आतंक का माहौल पैदा करना था.

गिरोह कैसे काम करता था?

साकिब और उसके साथी गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ के महत्वपूर्ण संस्थानों, राजनीतिक व्यक्तियों के घरों और रेलवे संपत्तियों की रेकी करते थे. रेकी के वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर को भेजते थे. हैंडलर गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय करते थे. काम पूरा करने के बाद आरोपी QR कोड के जरिए पैसे हासिल करते थे. कुछ जगहों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं कर उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे.

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

गिरोह में शामिल सदस्य अरबाब (20) निवासी अब्दुलपुर, मेरठ, विकास उर्फ रौनक (27) निवासी राम विहार, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) निवासी राम विहार कॉलोनी, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे (पैंफलेट) और आधार कार्ड मिला है. एटीएस थाना, लखनऊ में इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

बड़ी साजिश रच रहा था ये गिरोह

आरोपियों पर BNS की धारा 148, 152, 61(2) और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 13 और 18 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया. UP ATS के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में था. भारत में सामूहिक नरसंहार और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश रच रहा था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!