Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE माननीय न्यायालय के आदेशों के बावजूद,औपचारिकताएं कर रहा नगर निगम,PRJ OOH और सुपीरियर सर्विसेज ... INDORE कांड हो जाते हैं,जिम्मेदार समिति प्रभारियों को मिलती है छूट,कार्यवाही की बजाय महंगी गाड़ियां ... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की उदासीनता,खतरे में आमजनता की जान,मेयर का कहना PRJ OOH हो या सुपीरियर... INDORE नशे के खिलाफ एकजुट पूरा शहर,इंदौरी,क्रिकेटर,पूरे पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ लगाई दौड़। INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक... INDORE न्यूज़ WITH तड़का डॉट कॉम की ख़बर का असर,टूटेगा दौलतगंज का अवैध निर्माण! महापौर सख़्त, किसी भी... INDORE कनाडिया पुलिस के हाथों लगा, अवैध शराब तस्कर गिरोह,पूछताछ में इंदौरी शराब ठेकेदार की खुल सकती ... INDORE 23 सालों का इंतजार हुआ ख़त्म,निगम अधिकारियों को महापौर ने दी सौगात,अधिकारियों ने कहा उन्हें उ... INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह...

सराफा चौपाटी,जांच समिति की रिपोर्ट को पेश किया जा रहा तोड़मरोड़कर,पारंपरिक दुकानों की बजाय फास्ट फूड से हैं,समिति सदस्यों को ऐतराज़।

0 540

सराफा चौपाटी मामला,निगम जांच समिति रिपोर्ट को घुमा फिराकर किया जा रहा पेश,पारंपरिक दुकानों पर जांच समिति को भी नहीं कोई पेंच।
फास्ट फूड दुकानों पर समिति सदस्यों को थी आपत्ति।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

शहर की पारंपरिक सौगात सराफा चौपाटी मामले को लेकर आम जनता को काफी ज्यादा भ्रमित किया जा रहा है, निगम जांच समिति जो कि 27 फरवरी 2024 को बनाई गई थी। उसे लेकर बताया जा रहा है कि समिति ने सराफा चौपाटी की पारंपरिक दुकानों को शिफ्ट करने की दलील दी थी। जबकि जांच समिति सदस्यों जिनमें MIC सदस्य राजेंद्र राठौड़,निरंजन सिंह चौहान,अश्विनी शुक्ला और राकेश जैन थे। उन्होंने सराफा चौपाटी को लेकर 200 से ज्यादा दुकानों को लेकर सुरक्षा,पार्किंग और व्यवस्थाओं को लेकर राय दी थी कि सराफा चौपाटी में पारंपरिक दुकानों के अलावा अन्य फास्ट फूड दुकानों को हटाया जाएं। क्योंकि यह दुकानें आम शहरवासी के स्वास्थ्य के लिए भी उचित नहीं हैं। और इनकी वजह से सराफा चौपाटी का मूलस्वरूप बिगड़ गया हैं। लिहाजा समिति सदस्यों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से पारंपरिक दुकानों को छोड़ अन्य दुकानों को हटाने की बात कहीं थी।

रिपोर्ट तोड़ मरोड़ दी।

27 फरवरी 2024 को सराफा चौपाटी को लेकर बनाई गई समिति को सराफा चौपाटी की पारंपरिक दुकानों को छोड़ अन्य दुकानों की व्यवस्थाओं और दुष्परिणामों को ध्यानाकर्षण हेतु बनाया गया था।

दोनों ही शहर की पहचान।

सराफा चौपाटी और सराफा बाजार दोनों ही शहर की देशभर में सांस्कृतिक धरोहर मानी जाती हैं। जिसे लेकर नगर निगम उचित इंतजाम और व्यवस्थाएं कर रहा हैं।

नगर निगम संवारने के मूड में,देगा सुविधाएं।

दरअसल नगर निगम द्वारा उक्त समिति का गठन ही इसलिए किया गया था। ताकि पारंपरिक दुकानों को छोड़ अन्य दुकानों को हटाया जाए। ताकि इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर कायम रहे। लेकिन अब अन्य दुकानों को हटाने के बाद ऐसे कथित लोगों ने इसे बेवजह का मुद्दा बना दिया हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!