INDORE,फर्जी सिम से ₹84 लाख की साइबर ठगी,इंदौर क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, ‘ऑपरेशन FAST-2.0’ के तहत 3 आरोपी गिरफ्तार
फर्जी सिम से ₹84 लाख की साइबर ठगी,इंदौर क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, ‘ऑपरेशन FAST-2.0’ के तहत 3 आरोपी गिरफ्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन FAST-2.0’ के तहत कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी दस्तावेजों (Fake ID) के आधार पर सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर ठगों को सप्लाई करता था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन संदिग्ध सिमों के जरिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में ₹84.58 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा चुका है।

गृह मंत्रालय के इनपुट पर हुई कार्रवाई

इंदौर क्राइम ब्रांच को केंद्रीय गृह मंत्रालय के I4C (Indian Cyber Coordination Centre) से संदिग्ध पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंटों, रिटेलर्स और फर्जी सिम कार्ड यूजर्स की एक सीक्रेट लिस्ट मिली थी। इसके साथ ही राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल से मिले इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने जब 4 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कड़ियों को खंगाला, तो फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
दो राज्यों में ₹84.58 लाख की ठगी का खुलासा

क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा एक्टिवेट की गई इन संदिग्ध सिमों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के रिकॉर्ड के मुताबिक महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर फ्रॉड के मामलों में इन सिमों का सीधा इस्तेमाल हुआ। इन नंबरों के जरिए कुल ₹84,58,499/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई।
आरोपियों से सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद



पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड/दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपी असली ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके या नकली आईडी का इस्तेमाल कर सिम कार्ड चालू करते थे और फिर उन्हें ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बेच देते थे।
बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी
क्राइम ब्रांच इंदौर के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए ये सिम कार्ड साइबर फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचते थे। इसके अलावा, इन सिम कार्डों की मदद से खोले गए संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) की विस्तृत जांच की जा रही हैं। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इंदौर पुलिस लगातार महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।