Jyoti Ratre Mexico Expedition: मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे रचेंगी इतिहास; मेक्सिको के ऊंचे ज्वालामुखी पर फहराएंगी तिरंगा
भोपाल: मध्यप्रदेश की साहसी पर्वतारोही ज्योति रात्रे एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। 55 वर्षीय ज्योति इस बार उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी ‘पिको डी ओरिजाबा’ (18,491 फीट) को फतह करने निकली हैं। यह चोटी न केवल बेहद ऊंची और बर्फीली है, बल्कि तकनीकी रूप से दुनिया के सबसे कठिन पर्वत अभियानों में से एक मानी जाती है।
❄️ कठिन चुनौतियां और ऐतिहासिक मिशन
पिको डी ओरिजाबा पर चढ़ना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। तेज बर्फीली हवाएं, आक्सीजन की भारी कमी, ग्लेशियर के गहरे दरारें (Crevasses) और खड़ी बर्फीली ढलानें इस मिशन को खतरनाक बनाती हैं। यह अभियान ज्योति के ‘7 महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी’ को फतह करने के ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा है। यदि वह सफल होती हैं, तो इस चोटी तक पहुंचने वाली वे मध्यप्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही बन जाएंगी।
💪 ग्रामीण महिलाओं के नाम यह अभियान
ज्योति रात्रे का यह मिशन सिर्फ पर्वतारोहण नहीं, बल्कि एक संदेश है। वे कहती हैं, “यह अभियान उन ग्रामीण महिलाओं को समर्पित है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अद्भुत धैर्य और इच्छाशक्ति के साथ अपने सपनों को जीवित रखती हैं।” ‘शिखर से शक्ति तक’ नाम से शुरू किए गए इस मिशन के जरिए वे महिलाओं के संघर्ष और आत्मविश्वास को वैश्विक मंच पर दिखाना चाहती हैं।
🌟 साहस और मानवता की मिसाल
ज्योति रात्रे इससे पहले माउंट एवरेस्ट सहित पांच महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। वर्ष 2023 के एवरेस्ट अभियान के दौरान, उन्होंने एक साथी पर्वतारोही की जान बचाने के लिए अपने लक्ष्य को बीच में ही छोड़ दिया था, जिसकी पूरी दुनिया में सराहना हुई थी। ज्योति की यह यात्रा न केवल उनके शारीरिक साहस का प्रदर्शन है, बल्कि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प के आगे उम्र और परिस्थितियां कोई बाधा नहीं होतीं। पूरा प्रदेश उनकी इस सफलता के लिए कामना कर रहा है।