INDORE मुख्यमंत्री के प्रभार का शहर,खतरे में इंदौर की जनता, ना निगमायुक्त को फ़िक्र,न किसी और को चिंता, नियम विरुद्ध सड़कों के बीचोबीच ठोके गए यूनीपोल, दे रहे बड़ी दुर्घटना को न्यौता।
मुख्यमंत्री के प्रभार का शहर,खतरे में इंदौर की जनता की जान,न निगमायुक्त परवाह, न ही अमले को कोई फ़िक्र, विज्ञापनबाजों ने सड़क बीचों बीच ठोक ठोक दिया बोर्ड, एजेंसियों की सोच, मनमानी करो और हो जाओ मुक्त।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के प्रभार का शहर हैं। जहां नगर निगम अमले और विज्ञापन एजेंसियों ने जनता की जान खतरे में डाल रखी हैं। दरअसल नियम तो कहते है कि बड़े बड़े यूनिपोल को विज्ञापन एजेंसियां फुटपाथ तक सीमित रख सकती है। लेकिन इन्हीं विज्ञापन एजेंसियों और निगम मार्केट विभागीय अमले की मिलीभगत से सड़कों के बीचों बीच ऐसे विशालकाय यूनिपोल को ठोक दिए गया हैं। लिहाजा इन अवैध विज्ञापनबाजी की वजह से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्योंकि ये विज्ञापन बोर्ड सड़कों के बीचों बीच झूल रहे हैं। जो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकते हैं। लेकिन इसे लेकर न ही निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को इसकी परवाह है, न ही और किसी निगम के अन्य किसी जिम्मेदार को। लिहाजा अब हादसा हुआ तो, फिर जिम्मेदार मुँह छिपाते फिरते रहेंगे। लेकिन उनके पास खुद की इस बड़ी घोर लापरवाहियों का जवाब नहीं होगा। वह इसलिए क्योंकि उनको जानकारियां देने के बावजूद उन्हें जनता की जान की फिक्र नहीं थी।

विशालकाय यूनिपोल झूल रहा सड़क के बीचों बीच।

शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग एमजी रोड ट्रेजर आईलैंड के नजदीक एक विशालकाय यूनिपोल सड़के के बीचों बीच ठोक दिया गया हैं।
जहां से रोजाना कई बड़े अधिकारी,नेता,खुद हाईकोर्ट जज,वकील सहित अन्य कई और लोग तक गुजरते हैं। लेकिन नियमों के विपरीत झूल रहे यूनिपोल को लेकर किसी के पास कोई जवाब नहीं हैं। क्योंकि उक्त जानकारी खुद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सहित मार्केट विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक न्यूज with तड़का डॉट कॉम ने पहुंचाई तो थी। लेकिन इसे लेकर इन जिम्मेदारों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई थी।

PRJ विज्ञापन एजेंसी ने ठोका है यूनिपोल।
MG रोड जो कि इंदौर शहर का सबसे व्यस्तम और सबसे ज्यादा आवागमन वाला मार्ग हैं। जिस पर से लगभग शहर का हर किसी व्यक्ति गुजरता हैं। लेकिन पी आर जे विज्ञापन एजेंसी कर्ताधर्ता ने सड़क के बीचों बीच यूनिपोल ठोक दिया हैं। जो किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता दे रहा हैं। यही नहीं जब विज्ञापन एजेंसी पी आर जे के कर्ताधर्ताओं से इस बारे में जानना चाहा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। बल्कि अब न्यूज with तड़का डॉट कॉम के सवालों के चलते वह इधर उधर मुंह छिपाते फिर रहे हैं।

मुख्यमंत्री है इंदौर के प्रभारी,लेकिन नियमों का खुलेआम मखौल।

खुद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इंदौर जिले के प्रभारी हैं लेकिन नगर निगम सीमा के भीतर ही ऐसी विज्ञापन एजेंसियों ने नियमों को ताक पर रख रखा हैं। बेखौफ ये एजेंसियां कहीं भी यूनिपोल, लॉलीपॉप बोर्ड लगाए जा रहे हैं। हाल ही में MR 10 ग्रीन बेल्ट,मेट्रो एरिया में भी इसी एजेंसी कर्ताधर्ताओं ने लॉलीपॉप ठोक दिए थे। जिसे इंदौर नगर निगम के जनकार्य समिति प्रभारी राजेद्र राठौड़ ने शिकायत करते हुए हटवाया था। इस पूरे मामले में खास बात ये है कि PRJ एजेंसी को इंदौर नगर निगम ने जहां यूनीपोल,लॉलीपॉप लगाने का ठेका नही दिया था। वहां भी PRJ एजेंसी ने लॉलीपॉप ठोक दिए हैं। लेकिन निगम के जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरकर बैठे हुए हैं।

निर्धारित साइज,और स्पॉट का भी उल्लंघन।
PRJ एड एजेंसी को इंदौर निगम ने यूनीपोल लॉलीपॉप लगाने का ठेका दिया हैं। लेकिन इस पूरे मामले में खास बात यह है कि PRJ एड एजेंसी कर्ताधर्ता ने निगम द्वारा निर्धारित यूनीपोल की साइज से कही ज्यादा बड़े यूनीपोल लगा दिए है। यही नहीं जहां एड एजेंसी को लॉलीपॉप नहीं लगाने की इजाजत नहीं हैं वहां भी उक्त एड एजेंसी PRJ ने लॉलीपॉप लगा दिए है। जिसे लेकर भी इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखकर सबकुछ देख रहे हैं।
