Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा... Jyoti Ratre Mexico Expedition: मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे रचेंगी इतिहास; मेक्सिको के ऊंच... MP School News: सरकारी शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस पर सरकार सख्त; नेटवर्क विहीन स्कूलों की मांगी गई ... Indian Army's Zorawar Tank: स्वदेशी लाइट टैंक को मिली नई ताकत, थर्मल कैमुफ्लाज से दुश्मन के रडार को ... ABVP National Meeting: भुवनेश्वर में ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू; शिक्षा के भारतीयकरण पर होगी... Supreme Court News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत बरकरार; SC ने खारिज की याचिका Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा में घोड़ों-खच्चरों के संचालन पर सख्त नियम; सरकार ने जारी की नई S... Madhepura Crime News: मधेपुरा में खौफनाक वारदात; मामूली विवाद में बहू ने पीट-पीटकर की सास की हत्या

Indian Army’s Zorawar Tank: स्वदेशी लाइट टैंक को मिली नई ताकत, थर्मल कैमुफ्लाज से दुश्मन के रडार को देगा चकमा

1

भारत का स्वदेशी ‘जोरावर’ लाइट टैंक अब और अधिक घातक होने जा रहा है। DRDO और Larsen & Toubro (L&T) द्वारा विकसित 25 टन वजनी इस टैंक में अब अत्याधुनिक ‘Adaptive Thermal Camouflage System’ जोड़ा जा रहा है। यह तकनीक टैंक को दुश्मन के ड्रोन, थर्मल कैमरा और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर से छिपाने में मदद करेगी, जिससे पूर्वी लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में यह दुश्मन के लिए काल साबित होगा।

🌡️ कैसे काम करती है थर्मल कैमुफ्लाज तकनीक?

इस तकनीक के तहत टैंक पर ‘Flexible Adaptive Thermal Camouflage Pads’ लगाए जाएंगे। ये पैनल अपने आसपास के वातावरण के हिसाब से खुद को गर्म या ठंडा कर लेंगे, जिससे टैंक का तापमान वातावरण के बराबर हो जाएगा।

  • सेंसर और माइक्रोकंट्रोलर: हर पैनल में FPGA आधारित माइक्रोकंट्रोलर और सेंसर लगे होंगे, जो रियल टाइम में तापमान मापेंगे।

  • हीटिंग और कूलिंग: गर्मी के लिए ‘conductive ink’ और ठंडक के लिए ‘flexible Peltier technology’ का उपयोग होगा।

  • पावर बैकअप: हर पैनल में अपनी रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी होगी, जो मुख्य सिस्टम फेल होने पर भी 3 घंटे तक काम करेगी।

🏔️ लद्दाख में जोरावर टैंक की सामरिक अहमियत

105mm की मुख्य तोप से लैस जोरावर टैंक को विशेष रूप से पहाड़ी और बर्फीले इलाकों के लिए बनाया गया है। चीन के Type-15 लाइट टैंकों का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना को ऐसे ही फुर्तीले और अदृश्य रहने वाले टैंकों की जरूरत थी। यह तकनीक टैंक को चट्टानों और बर्फ के तापमान के अनुकूल ढालकर लंबे समय तक दुश्मन की नजरों से छिपाए रखेगी।

🚀 भविष्य की राह: कब तक शामिल होगा सेना में?

जोरावर प्रोजेक्ट पर 2022 से काम जारी है और जुलाई 2024 में इसका पहला प्रोटोटाइप सामने आया था। अभी इसके मोबिलिटी और फायरपावर के ट्रायल चल रहे हैं। यदि सभी यूजर ट्रायल सफल रहते हैं, तो:

  • 2026-27: लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन की शुरुआत।

  • 2027-28: भारतीय सेना में बड़े पैमाने पर इंडक्शन। भारतीय सेना को लगभग 350 से ज्यादा लाइट टैंकों की आवश्यकता है। विश्व के चुनिंदा देशों के पास ही यह सक्रिय थर्मल कैमुफ्लाज तकनीक है, ऐसे में जोरावर में इसका इस्तेमाल भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की एक बड़ी उपलब्धि है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!