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Yamuna Pollution Control: यमुनानगर के उद्योगों पर HSPCB की सख्ती; अब छोटे उद्योगों को भी लगाना होगा ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम

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चंडीगढ़/यमुनानगर: यमुना नदी के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने अब कमर कस ली है। ‘यमुना एक्शन प्लान’ के तहत बोर्ड ने यमुनानगर के उद्योगों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब केवल बड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि छोटे उद्योगों को भी अपने प्लांट में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह और सदस्य सचिव योगेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

📊 निगरानी व्यवस्था हुई और मजबूत

प्रदूषण पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए जिला स्तर पर निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता और नोडल अधिकारी नवीन गुलिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मेटल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, पेपर मिलों और शुगर मिलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

🛠️ उद्योगों के लिए नए अनिवार्य नियम

बैठक में उद्योगों को स्पष्ट रूप से निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:

  • ऑनलाइन मॉनिटरिंग: 10 केएलडी (KLD) से कम अपशिष्ट जल छोड़ने वाले उद्योगों को भी अब ऑनलाइन फ्लो मीटर और पीटीजेड (PTZ) कैमरे लगाने होंगे।

  • अपशिष्ट जल उपचार: बिना उपचारित या आंशिक रूप से उपचारित पानी को यमुना या उससे जुड़े नालों में छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

  • ETP का संचालन: सभी उद्योगों को अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) को पूरी क्षमता के साथ नियमित रूप से संचालित करना होगा।

  • खतरनाक कचरा: खतरनाक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

🤝 उद्योग संगठनों का सहयोग

बैठक में शामिल उद्योग प्रतिनिधियों ने यमुना नदी के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार किया और भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पूर्ण पालन करने का आश्वासन दिया। प्रशासन का मानना है कि इन सख्त कदमों से यमुना के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

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