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Ludhiana School News: सरकारी आदेशों की उड़ी धज्जियां; चुनाव की छुट्टी के बावजूद खुले रहे कई निजी स्कूल

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लुधियाना: स्थानीय निकाय चुनावों (लोकल बॉडी इलैक्शंस) के चलते सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर अवकाश घोषित किया गया था, ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रहे और लोग मतदान के लिए प्रोत्साहित हों। लेकिन लुधियाना में शिक्षा विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे कुछ निजी स्कूलों ने इन नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। टिब्बा रोड और ताजपुर रोड पर स्थित कई स्कूल आज आम दिनों की तरह खुले रहे, जिससे शिक्षा विभाग के प्रबंधकीय दावों पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

🔍 शिक्षा विभाग की ‘पिक एंड चूज’ नीति पर सवाल

यह कोई पहला मामला नहीं है जब शहर के निजी स्कूलों की मनमानी सामने आई हो। अक्सर देखा जाता है कि विभाग बड़े और नामी स्कूलों पर तो कार्रवाई करने में तत्पर रहता है, लेकिन बोर्ड से संबद्ध अन्य स्कूलों के मामले में अक्सर आंखें मूंद ली जाती हैं। सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, चुनाव वाले दिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में पूर्ण अवकाश अनिवार्य होता है। इसके बावजूद इन स्कूलों का खुला रहना उनकी प्रशासनिक पकड़ पर ढिलाई को दर्शाता है।

⚠️ अभिभावकों और समाज सेवकों में भारी रोष

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस उल्लंघन की सूचना स्थानीय नागरिकों द्वारा तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मौके पर किसी भी स्कूल को बंद करवाने या संचालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल खुले होने के कारण छात्र भारी बैग लेकर सड़क पर आते-जाते देखे गए, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित नजर आए।

⚖️ कार्रवाई का इंतज़ार

फिलहाल स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और शिक्षा विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि इन स्कूलों ने किस आधार पर सरकारी आदेशों को चुनौती दी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या विभाग नियमों का सरेआम उल्लंघन करने वाले इन स्कूलों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई (लीगल एक्शन) करता है या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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