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Bhind Panchayat Scam: भिंड में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र घोटाला; पंचायत सचिव सस्पेंड, FIR दर्ज कराने के निर्देश

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भिण्ड: मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोहद अनुभाग स्थित ग्राम पंचायत लहचूरा में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में त्वरित और कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने संबंधित पंचायत सचिव माताप्रसाद बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद पंचायत गोहद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आरोपी सचिव के खिलाफ मालनपुर थाने में आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

🔎 कलेक्टर कार्यालय की जांच में उजागर हुआ घोटाला: सचिव की आईडी और पासवर्ड से जारी कर निरस्त किए गए कई सर्टिफिकेट

भिण्ड जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान ने पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर कार्यालय के जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग की एक उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट में यह पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। विभागीय जांच में तकनीकी रूप से यह पाया गया कि संबंधित पंचायत सचिव माताप्रसाद बघेल की सरकारी आईडी और पासवर्ड का अनधिकृत उपयोग कर पहले कई फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए और बाद में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्हें पोर्टल पर निरस्त (कैंसिल) कर दिया गया।

📊 जांच रिपोर्ट में खुली हेराफेरी की पोल: रमेश, रामजीलाल और मुन्नी देवी के प्रमाण पत्रों में पाई गई भारी विसंगतियां

आधिकारिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर कई रिकॉर्ड्स में हेराफेरी की गई:

  • रमेश जाटव: इनका मृत्यु प्रमाण पत्र 6 जून 2024 और 7 जून 2024 को लगातार दो बार दुर्भावनापूर्ण तरीके से पंजीकृत किया गया।

  • रामजीलाल: इनका मृत्यु प्रमाण पत्र पहले 7 जून 2024 को जारी हुआ, जिसे बाद में पिछले दरवाजे से 23 दिसंबर 2024 को निरस्त कर दिया गया।

  • लोकमन: इनका प्रमाण पत्र 6 मार्च 2023 को पोर्टल पर पंजीकृत किया गया और 22 जनवरी 2025 को इसे अचानक निरस्त किया गया।

  • मुन्नी देवी माहौर: इनका जन्म प्रमाण पत्र 22 जुलाई 2023 को जारी किया गया और बाद में 1 फरवरी 2025 को इसे भी पोर्टल से निरस्त कर दिया गया।

📁 सरकारी अभिलेख पेश नहीं कर सके आरोपी सचिव: गोहद जनपद पंचायत तय हुआ मुख्यालय, 1 महीने में आएगी रिपोर्ट

जब जिला स्तरीय सांख्यिकी अधिकारियों द्वारा इन निरस्त और दोहरे प्रमाण पत्रों से संबंधित मूल दस्तावेज और फाइलें मांगी गईं, तो आरोपी सचिव माताप्रसाद बघेल कोई भी आधिकारिक अभिलेख या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, आर्थिक कदाचार और आपराधिक कृत्य मानते हुए सचिव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गोहद निर्धारित किया गया है।

इस पूरे घोटाले की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जनपद पंचायत गोहद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मुख्य जांच अधिकारी तथा खंड पंचायत अधिकारी को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने दोनों जांच अधिकारियों को मामले की तह तक जाकर एक माह के भीतर अपना विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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