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Kanpur Lamborghini Case: पुलिस ने दाखिल की 180 पन्नों की चार्जशीट; हादसे के वक्त शिवम ही चला रहा था कार

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कानपुर के चर्चित लैंबोर्गिनी हिट एंड रन मामले में पुलिस की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. मामले में पुलिस ने तंबाकू कारोबारी के बेटे के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की है. जांच में सामने आया है कि हादसे के तुरंत बाद आरोपी शिवम मिश्रा को उसके साथ मौजूद बाउंसरों ने बचाया. पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल 180 पेज की चार्जशीट में दावा किया गया है कि दुर्घटना के बाद बाउंसरों ने कार का शीशा तोड़कर शिवम को बाहर निकाला और दूसरी गाड़ी में वहां से रवाना कर दिया.

यह हाईप्रोफाइल हादसा कानपुर के ग्वालटोली इलाके में हुआ था, जहां तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार ने सड़क पर चल रहे लोगों को टक्कर मार दी थी. हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत करीब 6 लोग घायल हुए थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी और लग्जरी कार को देखकर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी. मौके पर मौजूद लोगों ने चालक पर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया था.

CCTV फुटेज बना अहम सबूत

पुलिस जांच में शामिल सीसीटीवी फुटेज अब इस केस का सबसे बड़ा सबूत बनकर सामने आया है. चार अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग में हादसे के बाद की गतिविधियां कैद हुई हैं. फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग तेजी से कार के पास पहुंचते हैं और ड्राइवर को वहां से निकालकर दूसरी गाड़ी में बैठाकर ले जाते हैं. पुलिस का कहना है कि यही लोग शिवम के निजी बाउंसर थे.

दर्ज किए गए 10 गवाहों के बयान

जांच के दौरान पुलिस ने 10 अहम गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं. इनमें घायल लोग, स्थानीय दुकानदार, राहगीर और बाउंसर शामिल हैं. पुलिस को शक है कि हादसे के बाद मामले को मोड़ने के लिए ड्राइवर बदलने की कोशिश भी की गई.

हालांकि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी अहम साक्ष्य कोर्ट में पेश कर दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी.

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