Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE चर्चाओं में IDA का लेखा विभाग,वर्षों से जमे अंगद कर्मचारी अधिकारी,और प्रति बिल भुगतानों पर एक... INDORE निहालपुर मुंडी स्थित रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता बने हरियाली के दुश्मन,सरकारी जमीन प... INDORE मोहर्रम मेला निरस्त! विगत वर्ष के अनुभवों पर मेयर थे खफ़ा,इंदौर से दूर रहते हुए भी महापौर ने स... INDORE मसला C21 मॉल द्वारा अवैध विज्ञापनराशि वसूलने का,संचालक का खुल्लमखुल्ला विज्ञापन का धंधा,मामले... INDORE फिर ठगाया यादव परिवार,चिंटू को हटाकर सोनाली को नेता प्रतिपक्ष की कमान,पीसीसी चीफ पटवारी की मन... INDORE मामला C 21 मॉल का,धनबलियों के जेब नियमकायदे,इनको मदद करता मार्केट विभाग का अदना कर्मचारी,और इ... श्री श्रीगौड ब्राह्मण समाज पदाधिकारियों का पहली बार हुआ ऐतिहासिक शपथविधि समारोह,जिसमें शामिल हुए सैक... IDA को PMAY से झटका,MR 11विस्थापन पड़ी खटाई में,प्रति फ्लैट 10 लाख रुपए घाटे की योजना,गुलमोहर-अमलतास... INDORE शहर में JIO AIRTEL सहित अन्य कम्पनियों के नेटवर्क धड़ाम,आपस में चल रहा कम्पीटीशन किसका ग्राहक... INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया...

INDORE चर्चाओं में IDA का लेखा विभाग,वर्षों से जमे अंगद कर्मचारी अधिकारी,और प्रति बिल भुगतानों पर एक प्रतिशत कमीशन की चर्चाएं।

0 1,173

चर्चाओं में आईडीए का लेखा विभाग,
वर्षों से जमे अधिकारी कर्मचारी,और प्रति बिल भुगतान पर एक प्रतिशत कमीशन की बात!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

इंदौर विकास प्राधिकरण यूं तो हमेशा से ही किसी न किसी बात को लेकर चर्चाओं में बना रहा है। लेकिन इस वक्त आईडीए का लेखा विभाग और उसके अधिकारी राजेंद्र पोरवाल सहित पूरा के पूरा लेखा विभाग काफी चर्चाओं में है। क्योंकि जिस तरह लेखा विभाग में प्रतिदिन मलाई की गंगा जो बह रही है। जिसमें अधिकारी हो या फिर अन्य कर्मचारी लगभग प्रतिदिन ही अपने हाथ कढ़ाई में डुबोए रहते है। आईडीए लेखा विभाग के बारे में खुद आईडीए के ही विश्वनीय सूत्र बताते है कि यहां प्रतिदिन लाखों रुपए की वर्षा होती है।

 

रोजाना बड़े बिल और मामला पूरी तरह सेट

आईडीए के सूत्र बताते हैं कि लेखा विभाग में प्रतिदिन करोड़ों रुपए का लेनदेन उक्त विभाग द्वारा किया जाता है। इसी भुगतान के एवज में लेखा विभाग अधिकारी और कर्मचारियों का कुल एक प्रतिशत तय हिस्सा बना हुआ है।

सूत्र कहते है भारी भरकम झोल

आईडीए के सूत्र बताते है कि प्रति बिल स्वीकृति पर प्रति बिल भुगतान पर एक प्रतिशत हिस्सा तय किया गया हैं। जिसको समझा जाए तो प्रतिदिन लगभग लाखों रुपए की मलाई यहां बंटती हैं।

अब सीधे रिटायरमेंट पर ही रवानगी।

इंदौर विकास प्राधिकरण लेखा विभाग में कई अंगद तो ऐसे है जिनकी पूरी नौकरी ही लेखा विभाग में गुजर गई। और जाने की बात की जाए तो वरिष्ठ अधिकारियों के रहमो कर्म के चलते उनके रिटायरमेंट के बाद ही इन अंगदों की बिदाई हो पाएगी। यही नही हालात तो ये है कि रिटायर होने के बावजूद भी इंदौर विकास प्राधिकरण का मोह का किसी भी कर्मचारी से खत्म नहीं होता है और ऐसे रिटायर कर्मचारी सुरक्षा गार्ड,या संविदा नियुक्तियों पर दोबारा यहां जम जाते हैं। फिलहाल ऐसे कई दर्जनों कर्मचारी है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी इंदौर विकास प्राधिकरण में देखे जा सकते हैं। वह भी लेखा के अलावा अन्य कई और विभागों में।

शिकायत होती लेकिन सुनता कोई नहीं।

आईडीए से जुड़े कई ठेकेदार हो या फिर निर्माण एजेंसियां के जिम्मेदार उन्होंने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि लेखा विभाग से जुड़े अमले की दर्जनों शिकायतें ऊपर से लेकर ना जाने कहा कहा कि लेकिन आईडीए के ही जिम्मेदार उक्त शिकायतों को लेकर कोई भी ठोस कदम उठाने से परहेज करते है। अब ऐसा वह क्यों कर रहे है। इसका जवाब उन्हें ही पता है। लेकिन कही न कही कार्यवाही के नाम पर शिथिल कार्यशैली के चलते खुद अब जिम्मेदारों के पत्ते भी अपने आप खुल रहे है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!