INDORE निहालपुर मुंडी स्थित रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता बने हरियाली के दुश्मन,सरकारी जमीन पर निजी सड़क के लिए काट दिए 20 हरेभरे पेड़,वहीं इंदौर नगर निगम उद्यान विभागीय अमले की खुली छूट,जितने पेड़ काटों, मनमाना लगेगा जुर्माना,और मामला भी रफादफा।
निहालपुर मुंडी स्थित रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ता धर्ता बना हरियाली का दुश्मन, जबकि PM, CM मंत्री और अधिकारी लगा रहे एक पेड़ मां के नाम, दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम का भ्रष्ट उद्यान विभागीय अमला बेखौफ कटवा रहा हरे भरे पेड़, कितने भी पेड़ काटो जुर्माना लगेगा मनमाना,और मामला भी हो जाएगा रफादफा,सरकारी जमीन पर टाउनशिप की निजी सड़क की बलि चढ़े 20 बड़े बड़े हरेभरे पेड़।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
राउ तहसील अंतर्गत आने वाली निहालपुर मुंडी स्थित रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप के कर्ता धर्ताओ ने खसरा नंबर 756 जो कि सरकारी जमीन के तौर पर सरकारी रिकार्डों में दर्ज हैं। लेकिन निहालपुर मुंडी स्थित रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप के कर्ता धर्ताओ ने उक्त सरकारी जमीन पर अपनी निजी सड़क बनाने के लिए उक्त जमीन पर मौजूद 20 से ज्यादा हरे भरे पेड़ों की बलि दे डाली। और दिलचस्प बात तो यह है कि उक्त सरकारी जमीन पर निजी सड़क बनाने में इंदौर नगर निगम के उद्यान विभागीय अमले ने रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ता धर्ताओ की बखूबी मदद भी की।

जैसे सांप भी मार दिया और टाउनशिप कर्ता धर्ताओ की लाठी भी सलामत रही। दरअसल उक्त जमीन के आसपास लगी अन्य कालोनियों के निवासियों की माने तो इंदौर नगर निगम उद्यान विभागीय अमले और रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं ने वर्षों पुराने इन हरे भरे पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से निपटा दिया। लेकिन किसी भी जिम्मेदार जिनमें मेयर पुष्यमित्र भार्गव,निगमायुक्त क्षितिज सिंघल,अपर आयुक्त सहित इंदौर नगर निगम की लंबी चौड़ी फौज को इसकी भनक तक नहीं। जबकि दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जिम्मेदार हरियाली का ढिंढोरा पीट रहे हैं।

यह सभी देश,प्रदेश और शहर को हराभरा करने के लिए हर संभव कोशिशें भी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम का उद्यान विभाग खुद पौधों और हरियाली के नाम पर करोड़ो रूपये पानी की तरह बहाने में लगे हुए हैं। इन सभी जिम्मेदारों ने एक पेड़ मां के नाम पर अभियान तक चला रखा है लेकिन दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम और रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप के कर्ताधर्ताओं ने हरियाली को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। लिहाजा अब यह हरियाली मात्र गूगल मैप में ही दिखाई दे रही है लेकिन असल हकीकत यह है कि यहां गूगल मैप पर दिखाई देने वाली हरियाली दूर दूर तक नहीं दिख रही हैं। इंदौर नगर निगम के उद्यान विभाग ने जरूर खानापूर्ति की लिहाज़ा 20 हरेभरे वर्षों पुराने पेड़ो को खत्म करने के एवज में मात्र 5 पेड़ो की कटाई की खानापूर्ति करते हुए रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं को खुली छूट दे डाली और मामला भी रफादफा करने की पूरी कोशिशें की जा रही हैं।

जब उक्त सांठगांठ की भनक न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम को लगी तो न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम ने इन इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों से चर्चा भी करनी चाही और कार्यवाही को लेकर सवाल उठाए तो इंदौर नगर निगम के यह जिम्मेदार गोलमोल जवाब देते फिर रहे है यही नहीं यह उक्त मामले के उजागर होने को लेकर परेशान भी है। इधर रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं में से धीरज वासन से बात की गई तो उनका जो जवाब था वह कोई हठधर्मिता से कम नहीं था। क्योंकि धीरज वासन ने उल्टे यह तक कह दिया सरकारी जमीन है तो सरकार जाने और पेड़ो की कटाई को लेकर धीरज वासन का जवाब भी सिर्फ इतना था कि उन्हें नहीं मालूम लेकिन टाउनशिप को विकसित करने के लिए ये चलता रहता हैं।

उद्यान अधिकारी को जानकारी नहीं।
जब उक्त पेड़ो की कटाई को लेकर इंदौर नगर निगम के उद्यान अधिकारी शांतिलाल से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं ने जो पेड़ काटे है उसकी कोई जानकारी ही नहीं हैं। उद्यान अधिकारी यादव ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वह संबंधितों से बात करते है और मामला पता कर के हमें जानकारी मुहैया करवाएंगे।
चालान बनाने वाला फोन नहीं उठा रहा।

इधर जब रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं द्वारा सरकारी जमीन पर निजी सड़क बनाने और उसके आड़े आ रहे 20 से ज्यादा पेड़ो की अवैध कटाई को लेकर न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम ने संबंधित उद्यान विभाग के देवेंद्र यादव से मामले की जानकारी की जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने भी बाद में जानकारी का हवाला देते हुए अब फोन उठाना ही बंद कर दिया हैं। मानो ऐसा लग रहा है जैसे उद्यान विभाग की बड़ी कारस्तानी उजागर होने को है।
हमने कुछ ऐसा नाम नहीं किया सरकारी जमीन है तो सरकार जाने।

न्यूज WITH तड़का डॉट कॉम ने जब रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप के कर्ताधर्ताओं में से धीरज वासन से उक्त मामले की जानकारी जाननी चाही तो उन्होंने कहा उन्हें नहीं मालूम कि सरकारी जमीन पर टाउनशिप की निजी सड़क बन रही है और सरकारी जमीन है अब सरकार ही जाने की उसे क्या करना है। पूरी बातचीत के दौरान धीरज वासन पल्ला झाड़ते हुए दिखें।