Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE विश्व पर्यावरण दिवस, हवा में उड़ गया देश का पहला ऑक्सीजन पार्क,धरी रह गई सभी तैयारियां,कनाडिया... INDORE जल संरक्षण,नगर निगम महापौर सहित जिम्मेदार वर्षाजल को बचाने की कर रहे प्लानिंग,इवेंट,वहीं दूसर... दूषित पेयजल!,भाजपा कांग्रेस की जारी जुबानी जंग,जनता कंफ्यूज,जल संरक्षण को लेकर वार्ड की रैंकिंग!लेकि... INDORE कांग्रेस में कलेश, हाइड्रेंट पर चिंटू चौकसे का कब्ज़ा! बदनाम हो रही भाजपा,कांग्रेसी पार्षद के... Pune Liquor Tragedy: जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचा; CID जांच शुरू, 8 पुलिसकर्मी निल... Weather Forecast: दिल्ली-NCR और UP-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट; IMD ने जारी की भारी बारिश की चेताव... INDORE पानी के लेकर बवाल,शहरवासी चिंतित किसका करें यकीन किसका नहीं! पटवारी के आरोपों के बाद मेयर का ... Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा...

MP Agriculture Roadmap: अब वैज्ञानिक तरीके से फसलों का चुनाव करेंगे मध्य प्रदेश के किसान, सरकार ने जारी किया नया कृषि रोडमैप

1,145

रायसेन: मध्य प्रदेश में खेती-किसानी को अब विज्ञान की नई धार मिलने वाली है. रायसेन के ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 4 जिलों के लिए विशेष ‘कृषि रोडमैप’ राज्य सरकार को सौंपा है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार यह ब्लूप्रिंट न केवल खेती की लागत कम करेगा, बल्कि किसानों की आय में भी रिकॉर्ड वृद्धि करेगा.

मध्य प्रदेश के 4 शहरों के लिए रोडमैप जारी

मध्य प्रदेश की कृषि व्यवस्था में रविवार से एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास के लिए एक खास ‘कृषि रोडमैप’ जारी किया है. उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई वो चाबी है, जो किसानों की समृद्धि के द्वार खोलेगी. इस दौरान शिवराज सिंह ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं.

‘वैज्ञानिक तरीके से फसलों का चुनाव करेंगे किसान’

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि “इस रोडमैप के तहत अब किसान पारंपरिक ढर्रे को छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से फसलों का चुनाव करेंगे. अब खेती देखा-देखी में नहीं, बल्कि मिट्टी की तासीर, जलवायु की स्थिति और उपलब्ध पानी के आधार पर की जाएगी. खेती को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को नई तकनीक, विविध फसलें और एकीकृत खेती अपनाना भी जरूरी है. इसके अलावा किसानों को पशुपालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी और जैविक खेती को भी अपनाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सके.”

उन्होंने कहा कि “ICAR के वैज्ञानिकों की यह रिपोर्ट बताएगी कि किस जिले में कौन सी किस्म की फसल सबसे ज्यादा मुनाफा देगी. प्रथम चरण में इस पहल से न केवल किसानों की खाद और बीज पर होने वाली फिजूलखर्ची रुकेगी, बल्कि कम लागत में बेहतर पैदावार का सपना भी सच होगा.”

शिवराज सिंह ने बताया रोडमैप का उद्देश्य

शिवराज सिंह चौहान ने रोडमैप का उद्देश्य बताते हुए कहा कि “इन 4 जिलों की जलवायु, मिट्टी और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर रोडमैप तैयार किया गया है. इसका पहला उद्देश्य कृषि को पहले से ज्यादा लाभकारी बनाते हुए उत्पादकता के साथ किसानों की आय बढ़ाना है. दूसरा उद्देश्य पानी का संरक्षण कर जलवायु के हिसाब से खेती विकसित करना है. इसके अलावा तीसरा उद्देश्य फसलों की प्रोसेसिंग बेहतर बनाकर बाजार उपलब्ध करवाकर खेती को आधुनिक बनाना है.”

उन्होंने कहा कि “प्रथम चरण में इन 4 जिलों की सफलता के बाद इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है. पूरे मध्य प्रदेश के लिए इसी तरह की योजना बनाकर लागू किया जाएगा. कई क्षेत्रों में भूजल स्तर गिर रहा है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, इसलिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करना जरूरी है.”

किसानों के लिए सॉइल मोबाइल ऐप लॉन्च

उन्नत कृषि महोत्सव में किसानों की सुविधा के लिए सॉइल मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया. इस एप से किसान अपने खेत की मिट्टी के अनुसार खाद और उर्वरक की सही मात्रा जान सकेंगे. मोबाइल ऐप से खेती करना और आसान हो गया है. किसान अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर खेत में खड़े होकर यह जान सकते हैं कि किस फसल के लिए कितनी मात्रा में खाद और उर्वरक डालना चाहिए.

हर ब्लॉक में कुछ गांवों को बीज ग्राम के रूप में विकसित किया जाना है. यहां उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार किए जाएंगे, जिससे उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!