इंदौर नगर निगम को लगा करारा झटका,हाईकोर्ट की फटकार,किराएदार की चार दुकानें सील करने पर उच्च न्यायालय नाराज,फरियादी के अधिवक्ता ने किया निगम मकानमालिक के षडयंत्र का खुलासा।
इंदौर नगर निगम को लगा झटका,किराएदार मकानमालिक के बीच हस्तक्षेप करना पड़ा मंहगा,हाईकोर्ट के आदेश किराएदार की दुकानें नगर निगम को सील करने का नहीं है अधिकार।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए इंदौर नगर निगम को जमकर फटकार भी लगाई हैं। और राजस्व अमले द्वारा किरायेदार की सील की गई दुकानों को खोलने के भी आदेश दिए हैं। दरअसल उक्त मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता सुनील वर्मा सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पक्षकार की इंदौर नगर निगम राजस्व अमले और मकान मालिक की मिलीभगत की वजह से एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया हैं। और उल्टे निगम अमले को कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए आदेशित किया है कि किराएदार मकानमालिक का बकाया टैक्स किराया राशि में से जमा करेगा। लेकिन निगम अमले को मकान मालिक द्वारा बकाया टैक्स के एवज में दुकानें सील करने का कोई अधिकार नहीं हैं।

यह था मामला

अधिवक्ता सुनील वर्मा सोनी के मुताबिक उनके पक्षकार की चार दुकानें इंदौर नगर निगम ने मकान मालिक से साठगांठ करते हुए सील कर दी थी।ताकि किराएदार परेशान होते हुए दुकानें खाली कर दे। लेकिन किराएदार ने अधिवक्ता सुनील वर्मा सोनी के मार्फत इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लिहाजा इंदौर उच्च न्यायालय ने किराएदार की फरियाद पर अपना अहम फैसला सुनाया है।