Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Sadar Bazar News: सदर बाजार में चलेगा बुलडोजर! पुराने नक्शे के आधार पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी, प्र... Balod News: बालोद में 'दूध गंगा' की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सील, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में गंदगी देख... Durg News: भीषण गर्मी में ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक जवानों के बीच पहुंचे SSP, गमछा और वॉटर बॉटल गिफ्ट कर... Surguja Crime News: सरगुजा में महिला से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी गिरफ्तार, चिरमिरी में पुलिस ने घे... Crime News: घर का लाड़ला ही निकला चोर! मां-बहन के जेवर चुराकर खुद ही पुलिस के पास पहुंच गया शिकायत द... Sidhi News: सीधी में सांसद जी के सामने फूटा महिला का गुस्सा, भरे मंच से पूछा- बिजली और सड़क का क्या ... Ratlam School News: अब सरकारी स्कूलों में नहीं होगी बर्थडे और फेयरवेल पार्टी, रतलाम DEO ने जारी किया... Jiwaji University Scam: जीवाजी यूनिवर्सिटी का कारनामा! बिना परीक्षा और अटेंडेंस के व्यापम के बर्खास्... Rewa Central Jail: रीवा केंद्रीय जेल में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में अधिकारियों पर... School Inspection: मेले के बहाने स्कूल से गायब थे शिक्षक, कलेक्टर ने रास्ते में पकड़ ली पोल; अब होगी...

RTE Reimbursement News: 14 साल से नहीं बढ़ी RTE प्रतिपूर्ति राशि! निजी स्कूलों ने दी नए सत्र में प्रवेश नहीं देने की चेतावनी

5

रायपुर : छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने RTE के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि की मांग की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के मुताबिक 14 साल से RTE के बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की गई है. साल 2011 से सरकार से RTE के बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि मात्र 7000 रुपए मिल रही है जो बहुत कम है. दूसरे राज्यों में यह राशि ज्यादा है. ऐसे में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 1 मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन शुरू किया है. इसके तहत सरकार के किसी भी पत्र या नोटिस का जवाब नहीं दिया जा रहा है. अब आने वाले दिनों में लॉटरियों के माध्यम से बच्चों का स्कूलों में प्रवेश दिया जाना भी बंद कर दिया जाएगा.

हाईकोर्ट ने भी प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने को कहा

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि पिछले 14 साल से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत दी जाने वाली राशि में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. इसका विरोध प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट कर रहा है. साल 2011 में जितने भी प्राइवेट स्कूल में आरटीई के बच्चे एडमिशन लिए उन्हें कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक 7 हजार रुपए दिए गए. छठवीं से आठवीं तक साढ़े सात हजार रुपए तय किए गए थे. इसी प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाने के लिए हम 14 साल से संघर्ष कर रहे हैं. जुलाई 2025 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका की सुनवाई 19 सितंबर 2025 को आई जिसमें कोर्ट ने कहा कि 6 महीने के अंदर प्राइवेट स्कूल के आवेदन पर विचार किया जाए और इनकी प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाई जाए.

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भी शासन प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया. इसलिए मजबूरन छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 1 मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन की शुरुआत की है. इस आंदोलन के तहत शासन प्रशासन के द्वारा किसी भी तरह के पत्र और नोटिस का जवाब नहीं दिया जा रहा है. इसके साथ ही किसी भी कार्यक्रम में स्कूल बस की मांग की जाती है तो हम बस देने से इनकार कर रहे हैं. लिहाजा शासन अब दबाव बना रहा है- राजीव गुप्ता,अध्यक्ष,प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

गरीब बच्चों के प्रवेश पर मंडराया खतरा

राजीव गुप्ता ने बताया कि 1 महीने के असहयोग आंदोलन के बाद भी सरकार के कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. जिसकी वजह से प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन अब स्कूलों में लाटरियों के माध्यम से जिन बच्चों का चयन होगा उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा. यह एक कठोर निर्णय है जिसको हमने बड़ी मुश्किल उठाया है. हम नहीं चाहते कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे प्रवेश से वंचित हो. हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा है और हम मजबूर हैं. जिसकी वजह से इस तरह का कदम हमें उठाना पड़ रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग हमारी बातें भी नहीं सुन रहा है. छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की मांग है कि कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक 18000 रुपए की मांग की है. इसी तरह कक्षा छठवीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए 25000 हजार की मांग की है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!