INDORE,नगर निगम मार्केट विभाग 200 करोड़ का हुआ घोटाला! फटेहाल निगम को करवा दिया अधिकारियों ने घाटा,जिम्मेदार बाउंड से पैसो की कर रहे जुगाड़,चहेती एजेंसी के लिए नियम कायदे गए भाड में।
इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग, 200 करोड़ का हुआ घोटाला,या कहे अधिकारी लगा रहे निगम राजस्व को चूना,पिछले 8 सालों से BRTS,जेंट्री पर अवैध होर्डिंग, यूनीपोल लॉलीपॉप का साम्राज्य,लेकिन जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।

इंदौर नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव,हो या कमिश्नर क्षितिज सिंघल,या फिर कोई MIC सदस्य या अधिकारी। वह इंदौर नगर निगम की तंगहाली का रोना मुख्यमंत्री सहित, राज्य और केंद्र सरकार के सामने रोते रहते हैं। यही नहीं इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार वाह वाही लूटने के लिए 244 करोड़ के लिए ग्रीन बॉन्ड जारी तक कर दिए हैं। और अब आगामी समय में इंदौर नगर निगम दोबारा वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए अगले बॉन्ड जारी करने वाला हैं। लेकिन खुद नगर निगम के जिम्मेदारों के पीठ पीछे कहे या फिर उनकी ही लापरवाहियों और जानकारी नहीं होने के चलते इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों की PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी कर्ताधर्ताओं से मिलीभगत के चलते नगर निगम 200 करोड़ का घाटा खाकर बैठा हुआ हैं। दरअसल इसे घाटा नहीं बल्कि इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों की साठगांठ के चलते 200 करोड़ का घोटाला कहना सही होगा। क्योंकि इन्हीं मार्केट विभाग अधिकारियों की करामात के चलते जहां उनकी चहेती PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी बेखौफ बिंदास यूनीपोल लॉलीपॉप लगाए जा रही हैं। लेकिन इंदौर नगर निगम को इससे बहुत बड़ा घाटा हो रहा है वह भी 200 करोड़ तक का। जी हां यह बात बिल्कुल सही हैं। क्योंकि निगम के ही जिम्मेदारों की वजह से नगर निगम इंदौर तंगहाली की मार झेल रहा हैं।

पिछले 8 सालों से BRTS का ठेका नही। प्रतिवर्ष 15 करोड़ तक का निगम को नुकसान।

इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों की PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी पर रहनुमाई के चलते इंदौर नगर निगम को 15 करोड़ प्रतिवर्ष का नुकसान हो रहा हैं। क्योंकि राजीव गांधी चौराहे से लेकर निरंजनपुर चौराहे तक फैले BRTS का ठेका इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों ने 8 सालों से नहीं होने दिया है या कहे कि किसी को होने ही नहीं देते हैं। ऐसे हालातों में उक्त BRTS पर अवैध यूनीपोल, लॉलीपॉप और होर्डिंगों की बाढ़ सी आ गई हैं। लेकिन इंदौर नगर निगम खजाने में दो रुपए भी राजस्व जमा नहीं हो रहा हैं।

जेंट्री का भी नहीं हुआ ठेका।

इधर इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों ने शहर की किसी भी जेंट्री का ठेका प्रक्रिया को पिछले 7 सालों से नहीं किया हैं। अगर PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी के अलावा कोई अन्य लोगों एजेंसी आ भी जाती है तो उसे नियम कायदों में अधिकारी ऐसे उलझाते है कि वह एजेंसी खुद ब खुद ही भाग जाती हैं। लिहाजा नगर निगम इंदौर को करीब 10 करोड़ प्रतिवर्ष के हिसाब से 7 सालों से राजस्व का चूना लगाया जा रहा हैं।

लॉलीपॉप का ठेका भी अभी नहीं। लेकिन PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी बेखौफ ठोक रही।

इधर मेट्रो प्रोजेक्ट स्थित ग्रीन बेल्ट,सहित शहर के अन्य स्थानों पर भी नियमानुसार अभी तक इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों ने लॉलीपॉप का ठेका प्रक्रिया को पूरा नहीं किया हैं। लेकिन फिर भी PRJ OOH सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी द्वारा बेखौफ लॉलीपॉप लगाए जा रहे हैं।