INDORE सड़कों से लेकर सदन तक कांग्रेस के सरकार को घेरने की बात,मुख्यमंत्री से पूछे कांग्रेसियों ने सात सवाल,इधर पीसीसी चीफ पटवारी को पांच करोड़ का मानहानी का नोटिस,जबकि पूर्व कांग्रेसी करार दे रहे पार्टी का दलाल।
सड़कों से लेकर सदन तक कांग्रेसी करेंगे आंदोलन,मुख्यमंत्री से कांग्रेस के सात सवाल,भाजपा की मशीन में धुलकर किसी भी भ्रष्ट्राचारी को मिल जाती है क्लीनचिट शोभा ओझा,इधर जीतू पटवारी को पांच करोड़ का मानहानी नोटिस,और पूर्व कांग्रेसी ही लगा रहे गंभीर आरोप।

इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सहित पूरी भाजपा ही तमाम बड़े भ्रष्टाचारों में लिप्त है लेकिन ये भाजपा की मशीन ही कुछ खास है कि उक्त मशीन में धुलकर किसी को भी पाक साफ होने की क्लीनचिट मिल जाती हैं। मध्यप्रदेश में व्यापम घोटाला,पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला,पटवारी घोटाला,शिक्षक,वनरक्षक भर्ती घोटालो पर घोटाले हुए लेकिन जनता को कोई जवाब नहीं देना चाहता हैं। जबकि महाकाल लोक,उज्जैन मास्टरप्लान भूमि घोटाला,यूरिया कालाबाजारी हो या राम मंदिर चंदा चोरी का मामला हर कोई मामले में भाजपा और उससे जुड़े लोगों की लिप्तता जगजाहिर हो रही है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होना यह देश की जनता के साथ अन्याय हैं। उक्त आरोप महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने लगाए। उन्होंने इंदौर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उज्जैन महाकाल लोक हो या अब मास्टरप्लान भूमि घोटाला। लेकिन किसी भी मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाना कई सवालों को जन्म देता हैं। ओझा ने कहा कि कांग्रेस अब सड़क से लेकर सदन तक भाजपा सरकार को घेरने वाली हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 2021 में मंत्री बने थे और 2023 में वह मुख्यमंत्री बन गए थे। लेकिन उज्जैन बदनावर फोरलेन,उज्जैन इंदौर फोरलेन और उज्जैन झालावाड़ फोरलेन के इर्द गिर्द सिर्फ उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा ही इन क्षेत्रों में जमीन खरीदना कई सवाल खड़े करता हैं। शोभा ओझा ने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री से सात सवालों के जवाब मांग रही है जिनके जवाब वह जनता सामने रखना चाहती हैं। लेकिन मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इन सभी सवालों के जवाब देने से क्यों बच रहे हैं।
ये है कांग्रेस के सात सवाल।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से सात सवाल किए है जिसके मुताबिक उज्जैन मास्टरप्लान भूमि अधिग्रहण घोटाले को लेकर वह प्रेसवार्ता में सार्वजनिक रूप से जवाब कब देंगे? दूसरा सवाल की छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली कब प्रदान करेगी? तीसरा सवाल उक्त मामले की क्या भाजपा सरकार निष्पक्ष जांच करवाएगी? चौथा सवाल खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार क्या सख्त कदम उठाएगी? पांचवा 1 रुपए में सरकार ने किन किन उनके चहेते ट्रस्ट को जमीनें आवंटित की है? छठवां सवाल किसानों को यूरिया, डीएपी,पर्याप्त बिजली कैसे और कब उपलब्ध होगी? सातवां सवाल महाकाल लोक को लेकर लगे आरोपों को क्या सरकार जांच करवाएगी?
सड़क से सदन तक प्रदर्शन।
कांग्रेस सिलसिलेवार पत्रकारवार्ता कर रही है उसके बाद छात्रों की गूंज आंदोलन,gen जी सायकिल रैली, जिस जिले में मुख्यमंत्री होंगे वहां सवाल तलब आंदोलन, सीएम हाउस का घेराव,उज्जैन भूमि घोटाले पर आंदोलन और आखिर में सदन में सरकार का घेराव करने वाली हैं।

पीसीसी चीफ को मानहानि नोटिस,पूर्व कांग्रेसी करार दे रहे पार्टी के दलाल।
एक तरफ कांग्रेसी मोहन सरकार को घेरने की हरसंभव कोशिशें कर रही है वही दूसरी तरफ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को एक रुपए में जमीन लेने वाले ट्रस्ट ने पांच करोड़ का मानहानी का नोटिस भेजा हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़ पूर्व कांग्रेसी राकेश सिंह यादव पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सहित हरीश चौधरी और अन्य कांग्रेसी नेताओं पर पार्टी के मार्फत दलाली करने तक के आरोप लगा रहे हैं। यादव ने पटवारी को मध्यप्रदेश का दूसरा राहुल गांधी करार दिया है जो पार्टी खत्म करने में लगे हुए हैं।