INDORE नगर निगम की वॉटर बेस्ट कोल्ड डामर बह गया पानी में,धरी रह गई जिम्मेदारों की हरवर्ष की नईं तकनीक,महज ढाई इंच बारिश ने जिम्मेदारों की खोली पोल,शहरवासियों का उबल रहा गुस्सा गड्ढा मुक्ति पर उठे सवाल।
वॉटर बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर बह गया पानी में,धरी रह गई जिम्मेदारों की हर वर्ष की विशेष तकनीक,हर वर्ष पीटा जाता है नईं नईं टेक्नोलॉजी का ढोल,लेकिन हमेशा लापरवाहियों और गैरजिम्मेदारों की बारिश खोल देती पोल, अब अनंत चतुर्दशी पर इंदौर नगर निगम बर्बाद करेगा पैसा,मगर सालभर गड्ढों में जा रही जनता।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर नगर निगम जनकार्य विभाग के जिम्मेदार जिनमें जनप्रतिनिधि हो या फिर निगम अधिकारी वह हर साल बारिश के पूर्व गड्ढों के शहर की जनता को नित नई तकनीक का हवाला देते हैं। और दावे इतने बड़े बड़े की जनता को गड्ढों से जीवनभर की निजात मिल जाएगी। और तो और लाखों रुपए जनता की गाढ़ी कमाई से जमा किए गए पैसों पर यह सभी पानी फेर देते हैं। दरअसल हम बात कर रहे है इंदौर नगर निगम जनकार्य विभाग के उन दावों की जिसे शहर में हुई मात्र ढाई इंच बारिश ने हर वर्ष की बारिश ने पूरी तरह हमेशा की तरह धो डाला। और नगर निगम जनकार्य विभाग के प्रतिवर्ष के दावों की पोल भी खोल दी। दरअसल नगर निगम जनकार्य विभाग के जिम्मेदार जिनमें अधिकारी हो या फिर जनप्रतिनिधि आमजनता को हर बार कोल्ड बेस्ड मिक्स डामर तकनीक का हवाला देते हुए, वाह वाही लूटते तो हैं। लेकिन बारिश ने इन सभी के खोखले दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी।

जनकार्य विभाग करता है बजट ख़ुटाने का काम
इंदौर नगर निगम का जनकार्य विभाग के कार्यशैली की बात की जाए तो सड़क,पेवर, गार्डन,या अन्य कोई भी निर्माण कार्य क्यों ही न हो हमेशा जनता की गाढ़ी कमाई को बार बार लगाओ निकालो पद्धति का इस्तेमाल करते हुए मात्र बजट ख़ुटाने का कार्य कर रहा हैं। जिसे लेकर बीच में खुद मेयर पुष्यमित्र भार्गव को भी शहर की जागरूक महिला द्वारा खरीखोटी सुनाई थी। लेकिन नगर निगम जनकार्य विभाग अपनी उक्त लगाओ निकालो कार्यशैली से कभी भी बाज़ आने वाला नहीं हैं। एक तरफ सड़क निर्माण,पेवर कार्य चलता रहता है वहीं दूसरी तरफ खोदने की प्रक्रिया जारी रहती हैं। कभी ड्रेनेज लाइन का बहाना तो कभी स्टॉर्म वॉटर लाइन। लेकिन असलियत क्या है कितनी ड्रेनेज लाइन और स्टॉर्म वॉटर लाइन डाली गई है यह भागीरथपुरा और फिलहाल जारी बारिश ने इन नगर निगम के विभागों की पोल खोलकर रख दी।

अब अनंत चतुर्दशी को भी बजट खुटाऊ मुहिम।

बारिश के महज एक दिन पूर्व नगर निगम जनकार्य विभाग के प्रभारी राजेंद्र राठौड़ ने हर वर्ष नईं अत्याधुनिक कहीं जाने वाली कोल्ड वॉटर बेस्ड मिक्स डामर तकनीक से पेचवर्क का ढिंढोरा पीटा था। लेकिन एक ही बारिश में यह तकनीक धरी की धरी रह गई। अब यहीं तकनीक अनंत चतुर्दशी चल समारोह के लिए भी अपनायी जाएगी। और फिर लाखों रुपयों का चूना लगा दिया जाएगा।

शहरवासियों का उबल रहा गुस्सा।

दरअसल गड्ढों में शहर वाली इंदौर की जनता का गुस्सा निगम के जिम्मेदारों के प्रति उबल रहा हैं। लोग सोशल मीडिया हो या अन्य कोई प्लेटफॉर्म वहां इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों को आड़े हाथों ले रहे हैं। जबकि लोगों का कहना है कि जनता सिर्फ बारिश में ही गड्ढों से परेशान होती है या फिर सर्दी गर्मी में भी जनता को तनाव मुक्त और गड्ढा मुक्त सड़को की आवश्यकता होती हैं।