जालंधर: शहर के दमोरिया पुल के नीचे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां जमा कूड़े के ढेर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों का सांस लेना भी दूभर हो गया। धुआं इतना अधिक था कि आसपास के इलाकों में दृश्यता कम हो गई और लोग दहशत में आ गए।
🚒 क्या फायर ब्रिगेड ने दिखाई लापरवाही?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमोरिया पुल के पास ही फायर ब्रिगेड का एक सब-स्टेशन मौजूद है, लेकिन जब उन्होंने मदद के लिए संपर्क किया, तो वहां मौजूद कर्मियों ने ‘छुट्टी’ का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। समय रहते मदद न मिलने के कारण आग और अधिक फैल गई। बाद में बस्ती अड्डा स्थित मेन फायर स्टेशन को सूचना दी गई, जहां से पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
🔍 शरारती तत्वों पर शक, बढ़ रहा आक्रोश
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी शरारती तत्व द्वारा कूड़े में आग लगाई गई होगी। हालांकि, लोगों का गुस्सा प्रशासन के प्रति ज्यादा है। निवासियों का कहना है कि पुल के नीचे कूड़ा जमा होना एक गंभीर समस्या है और यह पहली बार नहीं है जब यहां आग लगी है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस स्थान को साफ रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
📢 प्रशासन से ठोस कदम की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि दमोरिया पुल के नीचे जमा गंदगी को तुरंत हटाया जाए और इस इलाके की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में यह आग किसी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। फिलहाल, इलाके में इस घटना को लेकर काफी चर्चा और रोष बना हुआ है।
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