Supreme Court Decision on SIR: मतदाता सूची की शुद्धता पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर; तरुण चुघ बोले- अब केवल नागरिक ही डाल पाएंगे वोट
नई दिल्ली/पंजाब: सर्वोच्च न्यायालय ने ‘SIR’ (State-wide Identification/Registration) के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि अब यह सुनिश्चित हो सकेगा कि केवल भारत का नागरिक ही मतदान प्रक्रिया में भाग ले सके।
🚫 विपक्ष पर ‘वोट बैंक राजनीति’ का आरोप
तरुण चुघ ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल अपनी वोट बैंक की राजनीति को बचाने के लिए मृत व्यक्तियों और अवैध घुसपैठियों के फर्जी वोटों का समर्थन कर रहे हैं। चुघ ने कहा कि माइग्रेशन के इस दौर में लोकतंत्र को मजबूत और निष्पक्ष रखने के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन ने इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच जानबूझकर भ्रम और भय फैलाने का काम किया है।
📉 ‘विपक्ष का अभियान संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश’
तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और आम आदमी पार्टी ने SIR के मुद्दे पर झूठा डर पैदा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने विपक्ष के पूरे अभियान की पोल खोल दी है, जो केवल संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और देश के राजनीतिक माहौल को खराब करने की एक सुनियोजित साजिश थी। भाजपा महामंत्री ने जोर देकर कहा कि अदालत के फैसले ने विपक्ष के उन सभी दावों को खारिज कर दिया है जो वे इस प्रक्रिया के खिलाफ कर रहे थे।
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