Punjab Municipal Elections: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; गुरदासपुर, कादियां और दीनानगर चुनाव के लिए जारी किए सख्त निर्देश
चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरदासपुर, कादियां और दीनानगर की आगामी नगर परिषद चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जस्टिस हरसिमरण सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की डिवीजन बेंच ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से व्यापक निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला बलजीत सिंह, सुखविंदर पाल सिंह और परमिंदर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं के निपटारे के दौरान सुनाया गया।
📹 सीसीटीवी निगरानी और नामांकन प्रक्रिया में सुधार
अदालत ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से लेकर मतगणना केंद्रों और वोटों के भंडारण स्थलों तक सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कोर्ट ने कहा:
-
लिखित कारण: यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन पत्र खारिज किया जाता है, तो रिटर्निंग अधिकारी को 48 घंटे के भीतर इसका स्पष्ट कारण लिखित में देना होगा।
-
सुधार का अवसर: नामांकन पत्र में मामूली गलतियों पर उम्मीदवार को उसे सुधारने का मौका दिया जाएगा।
-
शपथ पत्र: यदि किसी के पास नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं है, तो वह शपथ पत्र के जरिए अपनी योग्यता साबित कर सकेगा।
🛡️ उम्मीदवारों की सुरक्षा और मशीनों पर निर्णय
अदालत ने जिला पुलिस प्रमुख को उम्मीदवारों की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और मतदान स्थलों पर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पंजाब राज्य चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि आगामी चुनाव मशीनों (EVM) के जरिए होंगे या बैलेट पेपर के जरिए, और इस पर 7 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया गया है।
⚖️ नियमों की बाध्यता
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पहले जारी किए गए सभी निर्देश इन तीनों नगर परिषदों पर भी लागू होंगे और कोई भी अधिकारी इनका उल्लंघन नहीं कर सकता। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए कोर्ट के इस फैसले को एक महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है, जिससे उम्मीदवारों के मन में व्याप्त आशंकाएं दूर होंगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.