देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत आने वाले इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चापड़ा और कन्नौद के बीच स्थित ‘धनतालाब घाट’ इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भारी परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के अत्यधिक दबाव और भारी-भरकम ओवरलोड ट्रकों के अचानक बीच रास्ते में खराब हो जाने के कारण पिछले कुछ दिनों से यहाँ बार-बार चक्काजाम जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। इस दुर्गम घाट क्षेत्र में आए दिन लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम के कारण हर बार सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और यात्री घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं।
🚚 कोयले से भरा भारी ट्रक बीच घाट पर हुआ खराब: दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी कतार, पानी और चाय-नाश्ते के लिए तरसे लोग
ताजा घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार को कोयले से ओवरलोड भरा हुआ एक विशालकाय ट्रक धनतालाब घाट के संकरे मोड़ पर चढ़ते समय अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही बंद हो गया। भारी ट्रक के बीच सड़क पर खड़े हो जाने की वजह से दोनों ओर से आने वाले वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में हाईवे के दोनों तरफ यात्री बसों, कारों और अन्य मालवाहक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
मई की इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में जाम में फंसे यात्री पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते और बुरी तरह परेशान होते रहे। इस समस्या की मुख्य वजह यह है कि धनतालाब घाट का यह पूरा इलाका सुनसान और जंगली क्षेत्र में आता है, जहाँ दूर-दूर तक न तो पीने के साफ पानी की कोई सरकारी व्यवस्था है और न ही यात्रियों के लिए कोई चाय-नाश्ते या होटल की सुविधा उपलब्ध है।
👮 बिजवाड़ पुलिस सहायता केंद्र की टीम ने संभाला मोर्चा: करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे सुचारू हुआ यातायात
राजमार्ग पर भीषण जाम लगने और यात्रियों के फंसे होने की चीख-पुकार की सूचना मिलने के तुरंत बाद नजदीकी बिजवाड़ पुलिस सहायता केंद्र से पुलिस का विशेष स्टाफ और क्रेन मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने तुरंत स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और बीच सड़क पर खराब खड़े कोयले के ट्रक को साइड में करवाने तथा यातायात को सुचारू करने के प्रयास युद्ध स्तर पर शुरू किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11:00 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक (लगभग ढाई घंटे) सैकड़ों गाड़ियां इस भीषण जाम में फंसी रहीं, जिससे यात्रियों का बुरा हाल हो गया। पुलिस द्वारा वन-वे ट्रैफिक शुरू करवाने के बाद दोपहर बाद ही यहाँ आवागमन धीरे-धीरे पूरी तरह सामान्य हो सका। गनीमत यह रही कि इस जाम की सटीक सूचना जिन स्थानीय वाहन चालकों को पहले ही मिल गई थी, उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए चापड़ा और कन्नौद से ही अपने वाहनों का रूट पहले से बदल (Route Divert) लिया, जिससे वे इस परेशानी से बच गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
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