Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE,भाजपा नेता, प्रशासनिक अधिकारी और रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं की तगड़ी गठजोड़,सवालो... ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास के नाम पर हो रहा विनाश,अधिवक्ताओं ने इंदौर संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन... INDORE,मुख्यमंत्री के जलसंरक्षण अभियान का रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ताओं ने उड़ाया मज़ाक,बिल... INDORE,महापौर जी बस देते आश्वासन! सख्ती,निगम कमिश्नर की दिनरात की मेहनत को निगम अमला लगा रहा बट्टा,इ... INDORE, नो कार डे,खुद निगमायुक्त सहित प्रभारी मेयर अपर आयुक्त ने कार को एक दिन के लिए कहा ना,दो पहिय... INDORE, कोई जान जाए तो ही जागेंगे क्या जिम्मेदार? हाईकोर्ट में याचिका,बेखौफ अवैध यूनीपोल लॉलीपॉप और ... INDORE,नगर निगम की दो कार्यवाही दोनों सवालों के घेरे में!एक पर 10 लाख जुर्माना,दूसरे रॉयल ग्रीन काउं... INDORE,निगम खजाने में सेंध,कमिश्नर की मेहनत पर राजस्व अमला ARO-अपर आयुक्त लगा रहे पलीता, सील की गई द... INDORE, पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में चाकुबाजी की घटना से मचा हड़कंप,वीडियो हो रहा वायरल,पुलिस की भूमिका... INDORE,सायबर क्राइम मास्टरमाइंड पर पुलिस का शिकंजा,क्राइम ब्रांच ने किया मल्टी स्टेट फ्रॉड सिंडिकेट ...

LPG Crisis: ‘अब नहीं आऊंगा दोस्त…’ सूरत में एलपीजी संकट के बीच प्रवासी युवक का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर वायरल

51

Surat LPG Crisis: मिडिल-ईस्ट जंग का असर जहां देशभर में देखने को मिल रहा है. वहीं सूरत से एक युवक का भावुक करने वाला वीडियो सामने आया है. वीडियो में युवक की आंखों में बेबसी के आंसू हैं, चेहरे मायूसी साफ दिखाई दे रही है. हाथ में बैग लिए रेलवे स्टेशन की ओर भागता हुआ युवक बोल रहा है ‘अब नहीं आऊंगा दोस्त बोल देना, अब नहीं आऊंगा’. इस वीडियो को जिसने में भी देखा हैरान रह गया

वीडियो सूरत के उधना स्टेशन का बताया जा रहा है, जहां से युवक अपने जिले, अपने घर आने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंचा था. लेकिन एलपीजी संकट ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वापस लौटता युवक बेहद भावुक होकर कह रहा है कि अब वापस नहीं आऊंगा, अब नहीं आऊंगा, बता देना.’ उसकी आवाज में बेबसी, उसका दर्द झलकता है. ऐसे ही हजारों लोग काम की तलाश में परदेश जाते हैं और फिर काम न मिलने या रोजगार छिनने के बाद घर लौट जाते हैं.

गैस सिलेंडर की कमी

गैस की कमी का सीधा असर इंडस्ट्री पर पड़ा है, जिसका सबसे ज्यादा असर सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर पड़ा है. कंपनियों में काम करने वाले अब तक करीब 30 प्रतिशत मजदूर, यानी लगभग 3 लाख लोग, शहर छोड़ चुके हैं. यही नहीं की, गैस के संकट से सिर्फ मजदूर ही प्रभावित हो रहे हैं, इसका असर उत्पादन पर भी साफ दिखाई पड़ रहा है, जो पहले रोजाना 6.5 करोड़ मीटर था, वह घटकर 4.5 करोड़ मीटर रह गया है. औसतन हर दिन करीब 15 हजार गैस सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन सप्लाई सुस्त रहने से संकट गहराता जा रहा है. हालात सुधरे के आसार नहीं दिख रहे है. यही वजह है कि मजदूर पलायन के लिए मजबूर हैं.

क्यों उमड़ी भीड़?

हालांकि, सूरत के उधना स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ के पीछे की वजह एलपीजी संकट ही माना जा रहा है. बीते एक-दो महीनों से एलपीजी की कमी के चलते मजदूरों का पलायन जारी है, जिसकी वजह से रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ी हैं. छुट्टियों और गैस संकट, दोनों कारणों ने यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ा दी है, जिससे रेलवे की व्यवस्थाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!