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बाल विवाह: 9 का दूल्हा-8 की दुल्हन, सबूत होने पर भी पुलिस नहीं रुकवा पाई शादी

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Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच एक 8 साल की बच्ची का विवाह 9 साल के बालक से कर दिया गया. यह घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव की है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन की टीम शादी से ठीक एक दिन पहले गांव पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों की चालाकी के आगे वे नाकाम रहे और बाल विवाह संपन्न हो गया.

इस गैर-कानूनी विवाह की पोल तब खुली जब बुधवार को शादी की रस्में जैसे हल्दी, मेहंदी और बारात की वीडियो रील सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं. जब प्रशासन और पुलिस के पास ये वीडियो पहुंचे, तब जाकर विभाग हरकत में आया. रील में साफ देखा जा सकता था कि कैसे मासूम बच्चों को दूल्हा-दुल्हन बनाकर रस्में निभाई जा रही थीं.

शादी में सहयोग देने वाले भी बने आरोपी

प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की है. पुलिस ने धारा 10 और 11 के अंतर्गत केस दर्ज किया है. इस मामले की खास बात ये है कि केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि इस अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. पंडित, जिसने विवाह की रस्में संपन्न कराईं. हलवाई, जिसने शादी का खाना बनाया. टेंट और घोड़ी संचालक, जिन्होंने समारोह के लिए सेवाएं दीं. साथ ही प्रिंटिंग प्रेस संचालक, जिसने शादी के कार्ड छापे.

गांव वालों ने टीम को किया गुमराह

जांच में यह तथ्य सामने आया कि सूचना मिलने पर एक दिन पहले ही प्रशासन की टीम गांव पहुंची थी. हालांकि, ग्रामीणों ने एकजुट होकर टीम को गुमराह कर दिया. उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति की शादी होने की झूठी जानकारी दी, जिसके कारण टीम वापस लौट गई. इसी प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाकर अगले ही दिन चोरी-छिपे मासूमों का विवाह कर दिया गया.

9 साल की बच्ची की सगाई और झगड़ा प्रथा

इसी दौरान करनवास थाना क्षेत्र से भी एक अन्य मामला सामने आया, जहां एक 9 वर्षीय बच्ची की शादी 26 अप्रैल को तय कर दी गई थी. यहां झगड़े (एक कुप्रथा) के नाम पर 9 लाख रुपये की मांग का मुद्दा भी उठा है. समय रहते परिजनों की शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस विवाह को रुकवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

महिला बाल विकास अधिकारी श्यामबाबू खरे का कहना है कि जागरूकता अभियानों के बावजूद चोरी-छिपे होने वाले बाल विवाह एक बड़ी चुनौती हैं. भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव के अनुसार, दस्तावेजों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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