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मुफ़्त का लाइसेंस कहीं पड़ न जाएं भारी,राजनीति चमकाने में पूरे शहर का बंटाधार?

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मुफ्त का लायसेंस,महिलाओं की भीड़,हुआ विवाद,श्रेय की राजनीति के चलते बिना टेस्ट ड्राइव के सैकड़ों महिला ड्राइवर सड़कों पर तैयार।

✍️प्रियंका शर्मा पत्रकार इंदौर।

शहर में नगर निगम जोनों पर मुफ्त लर्निंग लाइसेंस शिविर क्या लगें हंगामा बरपा,एक तरफ भाजपा नेत्री का विवाद,वहीं दूसरी और बिना टेस्ट ड्राइव लर्निंग लाइसेंस,यानी वाहन चलाने की खुली छूट। देखिए राजनीतिक श्रेय लेने की बात कुछ और हैं। लेकिन मेरे शहर को जब महाजामनगर जैसे हालात हैं। ऐसे में इस तरह महिलाओं के कंधे पर बंदूक और सड़कों बिना टेस्ट ड्राइव,बिना कोई यातायात नियमों की जानकारी दिए बिना। लर्निंग लाइसेंस बांट देना। दरअसल महिला शक्ति भी किसी की बहन,मां और बेटी हैं। लिहाजा शहर में चरमराई यातायात व्यवस्थाओं के बीच महिलाओं को बिंदास लाइसेंस वितरित करना। बहुत ही हद बड़ी रिस्क। की बात हैं। लेकिन आखिर क्या किया जा सकता है राजनीति चमकाने की हर संभव कोशिश जो ठहरी।

शहर के हालात पहले ही बद से बद्तर।
शहर के यातायात हालातों की बात की जाएं तो बहुत ही बुरे हालात है, जो किसी से छुपा नहीं हैं। खैर हर प्रमुख चौराहों,सड़कों, मुख्य मार्गों पर राजनीतिक अवैध होर्डिंग्स की भरमार हैं कई प्रमुख चौराहों पर वाहन चालकों के लिए विजिबिलिटी कम हैं। इसके अलावा ई रिक्शा,चार पहिया,दो पहिया,रिक्शा, गुत्थम गुत्था होते रहते हैं। ऐसे हालातों में ऐसा शिविर समझ से परे हैं।

साहब पहले मूल समस्याओं का समाधान कीजिए न।

शहर में पहले से अवैध निर्माण की छड़ी हैं। और यह किसी से छुपा नहीं हैं कि शहर की एक मात्र मल्टी जो हाइकोर्ट चौराहा स्थित है, उसके अलावा कहीं भी व्यवस्थित पार्किंग नहीं हैं। न ही ग्रांउड फ्लोर पर पूरी तरह नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं फिर कैसे सिर्फ कागजों में,अवॉर्ड में बस शहर साफ,स्वच्छ हैं। नहीं तो बेतरतीब ट्रैफिक। शहर की स्वच्छता खराब करता आसानी से देखे जा सकते हैं।

खुद नगर निगम ने उड़ाया माखौल।

नगर निगम इंदौर के शातिर खिलाड़ियों जिनमें अधिकारियों,जिम्मेदारों ने खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ा रखी हैं। जिम्मेदार दरअसल वह इसलिए क्योंकि आपको यह देखना है तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए गुलमर्ग परिसर को देख सकते हैं। जहां पार्किंग के स्थान पर बेखौफ अवैध दुकानें ठोक दी हैं। क्योंकि पी प्लस नाइन 9 की मल्टी में पार्किंग के स्थान पर दुकानें वह 216 से ज्यादा रहवासियों के बीच। यह रहवासियों पर अत्याचार हैं।

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