Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Khajrana Ganesh Mandir Indore: खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप; मास्टर प्लान के तहत शुरू हुआ निर्... Indore Air Quality News: स्वच्छता में नंबर-1, लेकिन हवा में फेल; इंदौर में बढ़ता प्रदूषण बढ़ा रहा स्वा... MP Weather Update: नौतपा में मौसम का बड़ा यू-टर्न; भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, गिरेगा पा... Jyoti Ratre Mexico Expedition: मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे रचेंगी इतिहास; मेक्सिको के ऊंच... MP School News: सरकारी शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस पर सरकार सख्त; नेटवर्क विहीन स्कूलों की मांगी गई ... Indian Army's Zorawar Tank: स्वदेशी लाइट टैंक को मिली नई ताकत, थर्मल कैमुफ्लाज से दुश्मन के रडार को ... ABVP National Meeting: भुवनेश्वर में ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू; शिक्षा के भारतीयकरण पर होगी... Supreme Court News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत बरकरार; SC ने खारिज की याचिका Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा में घोड़ों-खच्चरों के संचालन पर सख्त नियम; सरकार ने जारी की नई S... Madhepura Crime News: मधेपुरा में खौफनाक वारदात; मामूली विवाद में बहू ने पीट-पीटकर की सास की हत्या

Budha Pahar Census 2026: माओवादियों के गढ़ से लोकतंत्र की मुख्यधारा तक; बूढ़ा पहाड़ में पहली बार होगी जनगणना

35

पलामू: कभी माओवादियों का ट्रेनिंग सेंटर कहा जाने वाला बूढ़ा पहाड़ अब पूरी तरह से बदल चुका है। 2011 की जनगणना के दौरान जो क्षेत्र ‘नो-गो ज़ोन’ माना जाता था, वहां अब 2026 में पहली बार जनगणना टीम बिना किसी डर के दाखिल होगी। यह ऐतिहासिक बदलाव सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ और विकास परियोजनाओं के बाद संभव हो पाया है। अब बूढ़ा पहाड़ के हर परिवार तक पहुंचना और उनका डेटा इकट्ठा करना सरकार की प्राथमिकता है।

🛡️ सुरक्षा के लिए पुलिस का खास ‘प्लान’

बूढ़ा पहाड़ के साथ-साथ पलामू, गढ़वा और लातेहार के उन तमाम गांवों में जनगणना कार्य शुरू हो गया है, जहां पहले टीमें नहीं पहुंच पाती थीं। इन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया है कि पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस पिकेट और सुरक्षा बल के कैंप तैनात हैं। जनगणना कर्मियों को स्थानीय थानों और कैंपों की सीधी निगरानी में रखा जाएगा ताकि वे निर्भय होकर अपना काम कर सकें।

🗳️ चुनाव के बाद अब जनगणना की बारी

बूढ़ा पहाड़ की बदली तस्वीर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में यहां पहली बार हेसातु जैसे क्षेत्रों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। अब जनगणना टीम झालू डेरा, बहेरा टोली, कुल्हि और तिसिया जैसे उन गांवों में भी जाएगी, जहां तीन दशक तक केवल नक्सलियों का साया था। 2023 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इसे नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने और ‘बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ शुरू किए जाने के बाद से यह इलाका अब विकास की राह पर है।

📊 27 गांवों और 25 हजार आबादी का डेटा

बूढ़ा पहाड़ इलाके में कुल 27 गांव आते हैं, जिनमें गढ़वा के 16 और लातेहार के 11 गांव शामिल हैं। इस पूरे इलाके की आबादी लगभग 20 से 25 हजार के बीच है। तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद अब पहली बार जनगणना कर्मी इन गांवों के हर परिवार तक पहुंचेंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह बूढ़ा पहाड़ के निवासियों के लिए लोकतंत्र का एक नया अध्याय है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!