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Madhya Pradesh Waqf Board: ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड; पारदर्शिता के साथ पूरा हुआ बड़ा काम

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भोपाल: केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘उम्मीद’ पोर्टल अभियान में मध्य प्रदेश ने देशभर में बाजी मार ली है। प्रदेश में अब तक 99 प्रतिशत संपत्तियों का विवरण सफलतापूर्वक अपलोड किया जा चुका है। राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय द्वारा अब तक कुल 19,496 संपत्तियों को आधिकारिक रूप से स्वीकृत (Approve) कर दिया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि इनका डेटा पूरी तरह सटीक और सही है।

❌ अस्वीकृत संपत्तियों का कारण और चुनौतियां

सफलता के साथ-साथ बोर्ड ने 1411 संपत्तियों को अस्वीकृत भी किया है। वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों को रिजेक्ट करने के पीछे प्रमुख तकनीकी कारण हैं:

  • पुरातात्विक महत्व: कुछ संपत्तियां पुरातात्विक महत्व की हैं, जिन्हें इस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाना था। एएसआइ (ASI) से इस संबंध में अभी भी डेटा का इंतजार है।

  • तकनीकी खामियां: दोहरी एंट्री (Duplicate entry), खसरा नंबर मैच न होना और रिकॉर्ड का साफ न होना मुख्य कारण रहे।

  • एस्टेट और संपत्ति का अंतर: पोर्टल पर वक्फ एस्टेट और संपत्तियों का वर्गीकरण चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि एक एस्टेट (जैसे मस्जिद) के अंतर्गत कई संपत्तियां (जैसे दुकानें) संचालित होती हैं।

🛠️ भविष्य की राह: सुधार की प्रक्रिया

वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तियों को अस्वीकृत किया गया है, उनमें से जिनमें भी सुधार की गुंजाइश है, उन्हें भविष्य में ठीक करके पुनः अपलोड किया जाएगा। यह पूरी कवायद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से अब इन संपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी।

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