Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Madhya Pradesh Waqf Board: 'उम्मीद' पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड; पारदर्शिता के साथ प... Tvisha Sharma Case: अभिनेत्री त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामला; भोपाल में सीबीआई बनाएगी अपना कंट्रोल र... Dental Health News: इंदौर के बच्चों में बढ़ी दांतों की गंभीर बीमारियाँ; 75% बच्चों में मिल रही कैविटी... Indore Viral Goat: इंदौर का 'सुपरस्टार' बकरा; 220 किलो वजन और 8 लाख की कीमत, कूलर में रहकर खाता है ड... Court Ruling on Police Security: अंतर-धार्मिक विवाह और सुरक्षा का मुद्दा; मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने य... Namo Bharat News: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत की 10 अतिरिक्त ट्रिप्स; अब और भी आसान होगा सफर Border Security News: घुसपैठ और तस्करी पर नकेल; अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी,... Modi Govt 12 Years: मोदी सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे; भाजपा मनाएगी भव्य जश्न, 2047 का रोडमैप होग... Ayushman Bharat Delhi: दिल्ली में 7.72 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी; 10 लाख तक का मिल रहा कैशले... Annapurna Bhandar Update: लक्ष्मी भंडार में गड़बड़ियों का दावा; बंगाल सरकार ने शुरू की नई स्कीम, जून स...

Madhya Pradesh Waqf Board: ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड; पारदर्शिता के साथ पूरा हुआ बड़ा काम

0 2

भोपाल: केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘उम्मीद’ पोर्टल अभियान में मध्य प्रदेश ने देशभर में बाजी मार ली है। प्रदेश में अब तक 99 प्रतिशत संपत्तियों का विवरण सफलतापूर्वक अपलोड किया जा चुका है। राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय द्वारा अब तक कुल 19,496 संपत्तियों को आधिकारिक रूप से स्वीकृत (Approve) कर दिया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि इनका डेटा पूरी तरह सटीक और सही है।

❌ अस्वीकृत संपत्तियों का कारण और चुनौतियां

सफलता के साथ-साथ बोर्ड ने 1411 संपत्तियों को अस्वीकृत भी किया है। वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों को रिजेक्ट करने के पीछे प्रमुख तकनीकी कारण हैं:

  • पुरातात्विक महत्व: कुछ संपत्तियां पुरातात्विक महत्व की हैं, जिन्हें इस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाना था। एएसआइ (ASI) से इस संबंध में अभी भी डेटा का इंतजार है।

  • तकनीकी खामियां: दोहरी एंट्री (Duplicate entry), खसरा नंबर मैच न होना और रिकॉर्ड का साफ न होना मुख्य कारण रहे।

  • एस्टेट और संपत्ति का अंतर: पोर्टल पर वक्फ एस्टेट और संपत्तियों का वर्गीकरण चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि एक एस्टेट (जैसे मस्जिद) के अंतर्गत कई संपत्तियां (जैसे दुकानें) संचालित होती हैं।

🛠️ भविष्य की राह: सुधार की प्रक्रिया

वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तियों को अस्वीकृत किया गया है, उनमें से जिनमें भी सुधार की गुंजाइश है, उन्हें भविष्य में ठीक करके पुनः अपलोड किया जाएगा। यह पूरी कवायद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से अब इन संपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!