Rajnandgaon News: दीवान भेड़िया में फर्जी एनओसी और डायवर्सन का मामला; भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौंपा सामूहिक इस्तीफा
राजनांदगांव: जिले के दीवान भेड़िया गांव में कृषि भूमि के कथित अवैध डायवर्सन और फर्जी एनओसी जारी किए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में कार्रवाई न होने से नाराज होकर भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपकर अपनी ही सरकार और पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है।
🚜 किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत दीवान भेड़िया के सरपंच और सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से एनओसी जारी की है। उपजाऊ कृषि भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए परिवर्तित किए जाने से स्थानीय किसान बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि जहां एक ओर पार्टी भ्रष्टाचार मुक्त शासन और पर्यावरण संरक्षण की बात करती है, वहीं स्थानीय स्तर पर हो रही इन अनियमितताओं पर चुप्पी साधी गई है।
🚫 “सत्ता में होने के बाद भी सुनवाई नहीं” – मनीष साहू
भाजपा नेता मनीष साहू ने बताया कि इस मामले को लेकर कलेक्टर, सांसद और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तक को शिकायत दी जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच टीम के आने के 27 दिन बीत जाने के बाद भी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई। हताश होकर मनीष साहू ने कहा, “जब भाजपा शासन में भाजपा कार्यकर्ताओं की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो ऐसी स्थिति में काम करने का क्या औचित्य है? भ्रष्टाचार की बू आ रही है, इसलिए हमने सामूहिक इस्तीफा दिया है।”
⚠️ आंदोलन की चेतावनी और भाजपा का रुख
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे विवाद पर भाजपा नेता तरुण लहरवानी ने आश्वासन देते हुए कहा कि मामला सोलर प्लांट से संबंधित है और वे वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर चर्चा करेंगे। उन्होंने इसे इस्तीफे के बजाय एक ‘ज्ञापन’ करार दिया और समस्या को जल्द सुलझाने का वादा किया। अब देखना यह है कि प्रशासन और पार्टी नेतृत्व इस गंभीर मसले को किस तरह सुलझाता है।
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