जगदलपुर: बस्तर के सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम नंबर 5 में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड में 100 से अधिक बोरों में रखा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया है। सीसीएफ आलोक तिवारी के अनुसार, इस आगजनी में करीब 250 बोरों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। राहत की बात यह रही कि मौके पर पहुंची एसडीआरएफ (SDRF) और फायर फाइटर की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे बाकी गोदामों को जलने से बचा लिया गया।
🕵️ क्या यह सोची-समझी साजिश थी?
घटना के संबंध में सीसीएफ आलोक तिवारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जिस समय गोदाम में आग लगी, उससे कुछ देर पहले ही एमडी, सीसीएफ और डीएफओ सहित उच्च अधिकारियों की टीम निरीक्षण करने पहुंची थी। निरीक्षण के कुछ ही देर बाद आग का भड़कना एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। अधिकारियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल के पास से पकड़ा है, जिस पर माचिस लेकर गोदाम में घुसने और आग लगाने का आरोप है। आरोपी को जल्द ही पुलिस के हवाले किया जाएगा।
⚠️ सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
बीजापुर में कुछ दिन पहले ही 10 करोड़ रुपये के तेंदूपत्ता जलकर खाक हुए थे। बीजापुर की उस बड़ी घटना के बावजूद जगदलपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना एक बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। आग बुझाने के दौरान भी चुनौतियां कम नहीं थीं, क्योंकि रास्ते में एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी खराब हो गई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
📋 नुकसान का आंकलन और जांच
इस गोदाम में रखा तेंदूपत्ता मड़वारास का था, जो पिछले वर्ष का बताया जा रहा है और बंगाल के एक ठेकेदार को बेचा जा चुका था। सीसीएफ ने स्पष्ट किया है कि आग लगी नहीं, बल्कि लगाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के असली मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
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