Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क... INDORE मुख्यमंत्री के प्रभार का शहर,खतरे में इंदौर की जनता, ना निगमायुक्त को फ़िक्र,न किसी और को चिंत... दतिया उपचुनाव mp में नहीं बदलेगा टिकट, भाजपा का क्लेश ख़त्म! सीएम,प्रदेश अध्यक्ष,नरोत्तम मिश्रा की ब... दतिया उपचुनाव,भाजपा में बगावती दौर,वरिष्ठ नेता लगे डेमेज कंट्रोल में,नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक वनवा... INDORE आईडीए में फर्जीवाड़ा,गिरोह के तीन सदस्य धराएं,एक गिरोह अभी भी पुलिस की जद से बाहर,तीन आरोपित ... INDORE पार्ट 4, पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता और विकासकर्ता,गिट्टी मुरम चो...

NEET Paper Leak Case: दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से मास्टरमाइंड डॉक्टर गिरफ्तार, पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

15

नई दिल्ली/रोहतक: NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) और केंद्रीय एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे एक डॉक्टर को दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास से हिरासत में लिया गया है। आरोपी पर पेपर लीक गिरोह का मुख्य सरगना होने और परीक्षार्थियों को उत्तर रटवाने का आरोप है।

खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उस समय दबोचा जब वह अपनी लोकेशन बदलने की कोशिश कर रहा था।  जांच में सामने आया है कि इस डॉक्टर के तार बिहार, राजस्थान और हरियाणा के सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए हैं। यह आरोपी पेपर लीक करने के बाद अभ्यर्थियों को ‘सुरक्षित ठिकानों’ पर ले जाकर पेपर सॉल्व करवाने का जिम्मा संभालता था। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि एक-एक छात्र से पेपर के बदले 30 से 50 लाख रुपये की डील की गई थी।

इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक ओर एजेंसियां दोषियों पर शिकंजा कस रही हैं, वहीं लाखों छात्र परीक्षा के भविष्य और री-एग्जाम की संभावनाओं को लेकर असमंजस में हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। पुलिस अब आरोपी डॉक्टर के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदार लोगों और कोचिंग संस्थानों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!