कलेक्टर अच्छा कार्य करने वालों को कर रहे सम्मानित इधर खुड़ैल तहसील में हो गए फर्जी नामांतरण,पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम की मिलीभगत,DM शिवम वर्मा को शिकायत।
कलेक्टर अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित कर रहे सम्मानित,इधर खुड़ैल तहसील में पटवारी,तहसीलदार, SDM की मिलीभगत से हो गया फर्जी नामांतरण,शिकायतकर्ता ने की शिकायत,मामला भिंगारिया की 18 हेक्टेयर जमीन का।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा राजस्व अमले सहित अन्य अपने कनिष्ठ अधिकारियों को अच्छा कार्य करने के लिए सम्मानित कर रहे हैं। और लापरवाही,गलत कार्य करने वालों पर कार्यवाही की बात कर रहे हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ राजस्व अमला लापरवाही, मिलीभगत,और बंदरबांट से बाज नहीं आ रहा हैं। दरअसल खुड़ैल तहसील के एक मामले ने खुड़ैल एसडीएम,तहसीलदार, पटवारी और पूरे तहसील कार्यालय स्टॉफ की पोल खोलकर रख दी। दरअसल वह इसलिए क्योंकि पटवारी तहसीलदार और एसडीएम की मिलीभगत के चलते खुड़ैल तहसील अंतर्गत आने वाले भिंगारिया क्षेत्र की 18 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर इन सभी की मिलीभगत के चलते किसी दूसरे की जमीन पर सरकारी अमले ने फर्जी नामांतरण कर डाला। लिहाजा अब एसडीएम तहसीलदार और पटवारी भागते भागते और मुंह छिपा रहे हैं।

यह है मामला

शिकायतकर्ता संजीव कानूनगो और सुरेश कानूनगो ने कलेक्टर को दिए शिकायती आवेदन में इन एसडीएम नीरज खरे, तहसीलदार दयाराम निगम और पटवारी रोहित तिवारी की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया है कि उक्त भिंगारिया की कुल 18.031 हेक्टेयर जमीन उनकी पुश्तैनी जमीन हैं। जिस पर पटवारी रोहित तिवारी और अन्य अधिकारियों की साठगांठ के चलते किसी दूसरे पक्ष का ही नामांतरण कर दिया गया। और फिलहाल इस साठगांठ के चलते ये दूसरा पक्ष उक्त जमीन की खरीद फरोख्त में लग गया हैं। इस खरीद फरोख्त में पटवारी रोहित तिवारी की भी अहम भूमिका बताई जा रही हैं।
पटवारी रोहित तिवारी सभी पर भारी।

खुड़ैल तहसील के ही विश्वनीय सूत्रों ने बताया कि पटवारी रोहित तिवारी पूरी की पूरी खुड़ैल तहसील पर कब्जा जमाए हुए हैं। और इनके हौसले इतने बुलंद है कि यह अपने से बड़े अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को शराब,कबाब तक पेश करते हुए अपने काम तहसील कार्यालय से आसानी से निकाल लेते हैं। लेकिन एसडीएम हो या तहसीलदार उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर पाता हैं। लिहाजा खुड़ैल तहसील में पटवारी रोहित तिवारी का जबरिया कब्जा कायम है।
फर्जी नामांतरण जिम्मेदार अब छुपा रहे मुंह।

इधर खुड़ैल तहसील में मिलीभगत की कहानी खुलने के बाद से ही एसडीएम, तहसीलदार मुंह छिपा रहे हैं। वह उक्त मामले में कोई जानकारी नहीं होने की बातें कर रहे हैं। जबकि फर्जी नामांतरण की शिकायत के बाद वर्तमान तहसीलदार योगेश मेश्राम ने अब उक्त मामले की जांच तक शुरू कर दी हैं।